ब्रसेल्स , सितंबर 02 -- यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बुधवार को जर्मनी के लीपजिग हवाई अड्डे पर नाकाम ड्रोन हमले को यूरोपीय संघ (ईयू) की धरती पर रूस की गतिविधियों में "नयी वृद्धि" बताया और चेतावनी दी कि यूरोप को तेजी से प्रतिक्रिया देने तथा महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा मजबूत करने की जरूरत है।

जर्मनी ने चार अगस्त की घटना के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराया है। लीपजिग/हाले हवाई अड्डे पर यूक्रेनी मालवाहक विमानों के पास विस्फोटक उपकरण से लैस एक ड्रोन मिला था, लेकिन उसका डेटोनेटर कथित रूप से खराब होने के कारण विस्फोट नहीं हुआ। जांचकर्ताओं को संदेह है कि एक दूसरे ड्रोन की मालवाहक विमान से टक्कर हुई थी, जबकि 10 दिन बाद हवाई अड्डे के पास तीसरा ड्रोन भी मिला।

उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ रूस की "लापरवाही" का जवाब अधिक तेजी और प्रभावी तरीके से देगा तथा जरूरत पड़ने पर नये प्रतिबंध लगाये जायेंगे और रूस द्वारा इस्तेमाल की जा रही कमियों को बंद किया जायेगा। उन्होंने कहा, "यूरोपीय संघ इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। हम जर्मनी के साथ पूरी एकजुटता में खड़े हैं।"श्री रट ने भी रूस को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि यूक्रेन में युद्ध जारी रखने के साथ मॉस्को "लगातार अधिक लापरवाह" होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पूर्वी सीमा पर यूरोपीय और नाटो हवाई क्षेत्र में अधिक ड्रोन और मिसाइलें आने से जोखिम बढ़ा है। उन्होंने कहा कि नाटो सहयोगियों की एकता अटूट है और रूस की गतिविधियां यूक्रेन के लिए उनके समर्थन को कमजोर नहीं कर सकतीं।

जर्मनी के गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रिंट ने कहा कि जांच में हमले के तरीके रूस के अन्य संकर अभियानों में इस्तेमाल तरीकों से मेल खाते पाये गये हैं। रूस ने आरोपों को खारिज किया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने जर्मनी पर मॉस्को को दोषी ठहराने के लिए सबूत गढ़ने का आरोप लगाया, जबकि उप विदेश मंत्री अलेक्जेंडर ग्रुश्को ने बर्लिन पर तनाव बढ़ाने का रास्ता अपनाने का आरोप लगाया।

घटना के बाद जर्मनी ने बॉन स्थित रूसी वाणिज्य दूतावास बंद करने और बर्लिन स्थित रूसी हाउस को संचालित करने वाले समझौते को समाप्त करने का फैसला किया है। रूस ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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