चंडीगढ़ , सितंबर 25 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जरूरतमंद महिलाओं और बच्चों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए।
उन्होंने किराये के परिसरों में चल रहे आंगनवाड़ी केंद्रों को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी भवनों में स्थानांतरित करने के लिए भवन निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री श्री सैनी ने शुक्रवार को चंडीगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए सरकारी भूमि, विद्यालय परिसरों और अन्य उपयुक्त स्थानों की पहचान की जाए। उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।
उन्होंने महिला एवं किशोरी सम्मान योजना की समीक्षा के दौरान पात्र बीपीएल महिलाओं और किशोरियों को गुणवत्तापूर्ण सैनिटरी पैड नि:शुल्क उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने लाभार्थियों का पूरा रिकॉर्ड रखने और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में जन औषधि केंद्रों, विद्यालयों तथा अन्य निर्धारित केंद्रों के माध्यम से वितरण सुनिश्चित करने को कहा। जरूरत के अनुसार वितरण मशीनें लगाने के भी निर्देश दिए।
मिशन वात्सल्य के तहत बाल देखभाल संस्थानों में बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और बेहतर वातावरण पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। बाल गृहों में सौर पैनल लगाने, भवनों के रखरखाव और नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने किशोर न्याय कोष को बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने तथा यौन अपराध और पॉक्सो अधिनियम के तहत पीड़ितों को दी जाने वाली वित्तीय सहायता 20 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बाल देखभाल संस्थानों में रहने वाले बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, दिव्यांग बच्चों को वित्तीय सहायता और निजी स्कूलों में पढ़ने के इच्छुक बच्चों के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
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