प्रयागराज , सितंबर 8 -- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चर्चित उमेश पाल हत्याकांड मामले में एससी-एसटी अदालत में आरोपियों के खिलाफ ट्रायल शुरू हो गया है। मंगलवार को सुनवाई के दौरान उमेश पाल की पत्नी जया पाल अदालत में पेश हुईं, जहां उनका बयान दर्ज किया गया। सुनवाई के दौरान जया पाल ने एक बार फिर अपनी जान को खतरा बताते हुए प्रदेश सरकार से सुरक्षा की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद से उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और अतीक अहमद से जुड़े लोगों से उन्हें खतरा महसूस हो रहा है।
जया पाल के मुताबिक, हत्याकांड को करीब तीन साल हो चुके हैं, लेकिन मामले में वांछित गुड्डू मुस्लिम, साबिर और अरमान अब तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं। तीनों पर पांच-पांच लाख रुपये का इनाम घोषित है। इसके अलावा अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन और अशरफ की पत्नी भी फरार हैं।
उन्होंने कहा कि उमेश पाल हत्याकांड के बाद से उनकी सुरक्षा में पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, लेकिन अदालत में सुनवाई के लिए उन्हें घर से बाहर निकलना पड़ता है, जिससे उन्हें खतरा महसूस होता है। उन्होंने पिछली सुनवाई के दौरान भी अपने घर की रेकी किए जाने की आशंका जताई थी।
जया पाल ने अतीक अहमद के परिवार और समर्थकों से जुड़े हालिया घटनाक्रम पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अतीक अहमद के बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत के बाद कब्रिस्तान में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी और सोशल मीडिया पर अतीक के बेटों से संबंधित लगातार बन रही रील से उन्हें आशंका है कि अतीक से जुड़ा नेटवर्क अभी भी सक्रिय है।
उन्होंने दावा किया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें धमकियां भी दी जा रही हैं और कहा जा रहा है कि उमर और अली के बाहर आने के बाद उनसे हिसाब चुकता किया जाएगा। अतीक अहमद का बड़ा बेटा उमर अहमद लखनऊ जेल में, जबकि छोटा बेटा अली झांसी जेल में बंद है। जया पाल ने सरकार से अदालत में पेशी के दौरान उनकी सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत किए जाने की मांग की है।
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