बैतूल , अगस्त 11 -- मध्यप्रदेश के बैतूल शहर में लंबे समय से अटके दो महत्वपूर्ण अंडरब्रिजों के निर्माण का रास्ता आखिरकार साफ हो गया है। रेलवे ने दोनों अंडरब्रिजों को मंजूरी देने के साथ टेंडर प्रक्रिया पूरी कर 05 अगस्त को लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) भी जारी कर दिया है। अब जल्द ही दोनों स्थानों पर निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। अंडरब्रिजों की मंजूरी में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस और जयस लगातार आंदोलन और विरोध प्रदर्शन कर रेलवे प्रशासन पर दबाव बना रहे थे।

दोनों अंडरब्रिजों की मंजूरी का मामला लंबे समय से लंबित था। कांग्रेस और जयस ने इसे शहर की यातायात समस्या से जोड़ते हुए रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। संगठनों का कहना था कि प्रस्ताव तैयार होने के बावजूद महीनों तक मंजूरी नहीं मिलना शहरवासियों के साथ अन्याय है। विरोध और लगातार उठाए गए सवालों के बीच अब रेलवे ने दोनों परियोजनाओं की स्वीकृति और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी दी है।

नागपुर मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति की बैठक में सदस्य पद्मश्री मोहन नागर ने भी रेलवे से दोनों प्रस्तावित अंडरब्रिजों की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी थी। रेलवे ने बताया कि नागपुर-इटारसी सेक्शन में बैतूल-मरामझिरी स्टेशन के बीच सदर ट्रैफिक गेट तथा बैतूल-मलकापुर रोड स्टेशन के बीच माचना ब्रिज क्षेत्र में अंडरब्रिज बनाए जाएंगे।

सदर में डॉन बॉस्को के पास पुराने रेलवे गेट से आगे बनने वाले अंडरब्रिज की लंबाई करीब 60 मीटर होगी। इससे चिचोली क्षेत्र का यातायात सीधे गेंदा चौक की ओर पहुंच सकेगा। दूसरा अंडरब्रिज माचना ब्रिज के पास मालगोदाम के अंतिम हिस्से में बनेगा। इसकी लंबाई करीब 120 मीटर होगी। यह पॉपुलर सोसाइटी के पास से गुफा मंदिर रोड को जोड़ते हुए बैतूल बाजार रोड से जुड़ेगा। इससे रामनगर और बैतूल बाजार क्षेत्र के लोगों को गंज की ओर आने-जाने के लिए नया रास्ता मिलेगा।

दोनों अंडरब्रिज बनने से गंज अंडरब्रिज और ओवरब्रिज पर यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं की प्रक्रिया वर्ष 2024 के अंत से चल रही थी। नागपुर डीआरएम कार्यालय ने 07 अक्टूबर 2025 को दोनों प्रस्ताव महाप्रबंधक कार्यालय मुंबई भेजे थे। इसके बाद जीएडी तैयार कर रेलवे बोर्ड को भेजा गया, लेकिन मंजूरी लंबे समय तक अटकी रही। इसी देरी को कांग्रेस और जयस ने मुद्दा बनाकर रेलवे के खिलाफ आवाज उठाई।

रेलवे ने बैतूल स्टेशन के अमृत भारत स्टेशन योजना के कार्यों की भी जानकारी दी है। मास्टर प्लान स्वीकृत होने में देरी के कारण काम प्रभावित हुआ। अब दिसंबर 2026 तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। बैतूल स्टेशन पर सीओपी, ड्रेनेज, नया टॉयलेट ब्लॉक, पार्किंग और लैंडस्केपिंग का काम पूरा हो चुका है। आमला में 83 प्रतिशत, घोड़ाडोंगरी में 79 प्रतिशत और मुलताई में 86 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।

चौथी रेलवे लाइन के लिए सदर फ्लाईओवर को तोड़े जाने के सवाल पर रेलवे ने कहा कि यदि लाइन फ्लाईओवर के नीचे से निकालना संभव नहीं हुआ तो फ्लाईओवर में आवश्यक संशोधन किया जाएगा। इसके लिए जल्द सर्वे कराया जाएगा।

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