नई दिल्ली , सितम्बर 23 -- भारत ने रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने संबंधी अमेरिका के विवादास्पद कानून को लेकर अमेरिका को अपनी चिंताओं से अवगत कराया है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81 वें सत्र में हिस्सा लेने गए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को न्यूयार्क में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से मुलाकात की और इस विवादास्पद कानून के सहित अन्य महत्वपूर्ण वैश्विक विषयों पर बात की। बातचीत में उन्होंने इस कानून को लेकर भारत हितों और चिंताओं को दोहराया तथा भारत की चिंताओं को मजबूती से रखा। दोनों नेताओं ने खाड़ी क्षेत्र और यूक्रेन की स्थिति पर भी चर्चा की।

बैठक के बाद श्री जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा,"अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मिलकर अच्छा लगा। संयुक्त राष्ट्र के उच्चस्तरीय सप्ताह के दौरान एसआरआईए के संबंध में भारत के हितों और चिंताओं को दोहराया। खाड़ी और यूक्रेन की स्थिति पर भी चर्चा की।"उल्लेखनीय है कि सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट 2026 (एसआरआईए) कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को उन देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का अधिकार देता है जो रूस से तेल और गैस का आयात करेंगे। इस कानून का सबसे अधिक प्रभाव भारत और चीन पर पड़ेगा।

भारत इस कानून पर अपना रूख पहले ही स्पष्ट कर चुका है और उसका कहना है कि देश के 140 करोड़ लोगों की ऊर्जा सुरक्षा उसकी सबसे पहली प्राथमिकता है। भारत ने कहा है कि वह अपने आर्थिक और व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।

अमेरिका का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य रूस की वित्तीय ताकत को कमजोर करना है।

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