जयपुर , अक्टूबर 21 -- राजस्थान की राजधानी जयपुर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में तीनदिन से पुलिस आयुक्तालय के बाहर एनएसयूआई की नेता रितु बराला के नयी दिल्ली में मारपीट के मामले में जीरो एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं का धरना-प्रदर्शन बुधवार को पुलिस के लिखित में दे देने परसमाप्त हो गया।

श्री डोटासरा ने मीडिया को बताया कि रितु बराला को दिल्ली पुलिस द्वारा मारपीट के मामले में परिवाद देने के बाद वहां पर कुछ नहीं किया गया और जब इस मामले में जयपुर में जीरो एफआईआर के लिए तीन दिन पहले जब रितु बराला थाने गई तो कांग्रेस नेताओं के साथ उन्हें पुलिस आयुक्त के लिए भेज दिया गया और इसके बाद सोमवार से हम लोग जीरो एफआईआर की मांग को लेकर यहां धरना प्रदर्शन किया, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।

उन्होंने कहा, "आज जब तीसरे दिन हमने करो या मरो की बात कही तो पुलिस ने हमारे साथ बात की लेकिन जीरो एफआईआर के लिए मना कर दिया। "उन्होंने कहा, " इस दौरान हमने कहा कि हमें लिखित में दे दिया जाये कि बीएनएसएस की धारा 73 (1) के तहत यह मामला नहीं आता और हम इसमें एफआईआर दर्ज नहीं कर सकते हैं और इसके बाद पुलिस ने हमे लिखित में दे दिया हैं और अब अदालत की शरण में जायेंगे। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि तीन दिन तक मांग को लेकर मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री भजनलाल शर्मा, गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, गृह सचिव, पुलिस आयुक्त से संपर्क करना चाहा, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। "उन्होंने कहा कि पुलिस ने कानून की गलत व्याख्या की है और इन्होंने कानून को ही मानने से इनकार कर दिया है, अब वह जीरो एफआईआर दर्ज कराने एवं कानून की गलत व्याख्या को लेकर उच्च न्यायालय एवं उच्चत्तम न्यायालय तक जायेंगे और मुकदमा दर्ज कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि तीन दिन तक उनके साथ खड़े रहने के लिए नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली एवं कई विधायक और नेताओं तथा पार्टी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया। इसके बाद धरना समाप्त हो गया।

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