जयपुर , जून 24 -- राजस्थान में जयपुर के जगतपुरा महल रोड पर वीआईपी की आवाजाही के दौरान एक महिला ठेला विक्रेता के गंभीर रूप से झुलसने की घटना को राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान में लिया है।

आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति जी.आर. मूलचंदानी ने इस मामले में जयपुर पुलिस और प्रशासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि प्रत्येक लोकसेवक से मानवीय मूल्यों और संवेदनशीलता के अनुरूप व्यवहार की अपेक्षा की जाती है। किसी लोकसेवक के आचरण या कार्रवाई से किसी व्यक्ति को गंभीर क्षति पहुंचती है, तो यह अत्यंत चिंताजनक विषय है।

आयोग ने समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का उल्लेख करते हुए कहा कि जगतपुरा महल रोड पर वीआईपी की आवाजाहीन के दौरान पुलिस द्वारा कथित रूप से एक महिला का ठेला पलट दिये जाने से वह खौलते पानी की चपेट में आकर झुलस गयी। पीड़िता की पहचान रेशु गुप्ता के रूप में बतायी गयी है, जो अपनी बहनों के पालन-पोषण के लिए मोमोज का ठेला लगाकर जीविकोपार्जन करती है।

आयोग ने पुलिस आयुक्त जयपुर, जिला कलेक्टर जयपुर और पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व से घटना की वास्तविक स्थिति से अवगत कराने, जिम्मेदार अधिकारियों की पहचान करके आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने और पीड़िता को समुचित चिकित्सा सुविधा एवं मुआवजा उपलब्ध कराने के संबंध में रिपोर्ट मांगी है।

साथ ही आयोग ने प्रशासन को निर्देश दिये हैं कि सभी पुलिसकर्मियों एवं लोकसेवकों को आमजन के प्रति संवेदनशील और मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किये जाये। मामले की अगली सुनवाई एवं अनुपालन रिपोर्ट के लिए 14 जुलाई 2026 की तिथि निर्धारित की गयी है।

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