जयपुर , जुलाई 29 -- राजस्थान में जयपुर 31 जुलाई से दो अगस्त तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय राष्ट्रमंडल शांति मध्यस्थता सम्मेलन-2026 की मेजबानी करेगा।

आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को बताया कि सम्मेलन का उद्घाटन भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति सूर्यकांत करेंगे। "शांति मध्यस्थता और कानून का शासन" विषय पर आधारित इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में राष्ट्रमंडल देशों के न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता, मध्यस्थ, विधि विशेषज्ञ, शिक्षाविद, नीति-निर्माता और अन्य प्रतिनिधि शामिल होंगे।

राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (रालसा) की सहभागिता में आयोजित इस सम्मेलन का उद्देश्य न्यायिक व्यवस्था में मध्यस्थता को प्रभावी, त्वरित और सौहार्दपूर्ण विवाद समाधान के माध्यम के रूप में बढ़ावा देना है। सम्मेलन में पारिवारिक, वाणिज्यिक, आपराधिक, पर्यावरण, कार्यस्थल, सामुदायिक और अंतरराष्ट्रीय विवादों के समाधान में मध्यस्थता की भूमिका पर विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।

उद्घाटन समारोह में केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजीव प्रकाश शर्मा, भारत के अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी, कॉमनवेल्थ लॉयर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष स्टीवन थिरू सहित देश-विदेश की कई न्यायिक हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।

आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में राष्ट्रमंडल के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों की भागीदारी प्रस्तावित है। विभिन्न सत्रों में न्याय तक आसान पहुंच, कानून के शासन को मजबूत बनाने, अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम करने और मध्यस्थता को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के उपायों पर विचार-विमर्श होगा।

सम्मेलन के समापन पर "जयपुर शांति मध्यस्थता घोषणापत्र" जारी किए जाने का प्रस्ताव है। यह घोषणा-पत्र राष्ट्रमंडल देशों में शांति, मध्यस्थता और कानून के शासन को बढ़ावा देने के लिए साझा सिद्धांतों एवं भविष्य की कार्ययोजना का आधार बन सकता है। आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन भारत को वैश्विक स्तर पर शांति मध्यस्थता के क्षेत्र में नेतृत्वकारी भूमिका प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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