जयपुर , जुलाई 28 -- राजस्थान में जयपुर के नीरजा मोदी स्कूल की नौ वर्षीय छात्रा अमायरा की आत्महत्या के मामले में अदालत ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मामला चलाने का रास्ता साफ कर दिया है।
अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट (एसीजेएम)-10 ने स्कूल के मालिक सौरभ मोदी, प्रिंसिपल इंदू दुबे, शिक्षिका पुनीता शर्मा और सफाईकर्मी रामू के खिलाफ पुलिस की ओर से पेश आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए मामले को आगे की सुनवाई के लिए बाल न्यायालय भेज दिया है। सुनवाई के दौरान सभी आरोपी अदालत में पेश हुए, जहां उन्हें जमानत दे दी गई। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर केवल पुलिस के आरोप पत्र में शामिल धाराओं के आधार पर ही संज्ञान लिया जा सकता है।
वहीं, अमायरा के परिजनों की उस अर्जी पर अलग से सुनवाई करने से अदालत ने इन्कार कर दिया, जिसमें स्कूल मालिक और प्रिंसिपल पर किशोर न्याय अधिनियम के तहत बच्चे के साथ क्रूरता की अतिरिक्त धाराएं और सभी आरोपियों पर आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरणा की धाराएं जोड़ने की मांग की गई थी। अदालत ने कहा कि अतिरिक्त धाराएं जोड़ने का प्रश्न आरोप तय होने के चरण में विचारणीय होगा।
पीड़ित पक्ष की ओर से अधिवक्ता अमित शर्मा ने अदालत में दलील दी कि मामले में केवल क्लास टीचर ही नहीं, बल्कि स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल की भी समान जिम्मेदारी बनती है। दूसरी ओर, स्कूल प्रबंधन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक राज बाजवा ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी आरोपी ने ऐसा कोई कृत्य नहीं किया जिससे आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला बनता हो।
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