सिलीगुड़ी , जुलाई 25 -- पश्चिम बंगाल के गृह एवं पर्वतीय मामलों के राज्य मंत्री विशाल लामा ने शनिवार को कहा कि भारत-भूटान सीमा पर स्थित जयगांव में प्रस्तावित स्थल बंदरगाह का निर्माण योजना के अनुसार ही पूरा किया जायेगा।

इसके साथ ही उन्होंने आश्वासन दिया कि जिन कुछ परिवारों का दावा है कि उन्हें अधिग्रहित भूमि का मुआवजा नहीं मिला है, राज्य सरकार उनकी शिकायतों का समाधान करेगी।

श्री लामा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने एकीकृत स्थल बंदरगाह के निर्माण के लिए लीज पर दी गयी चाय बागान की जमीन का अधिग्रहण कर 2022 में भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (एलपीएआई) को सौंप दिया था। उन्होंने बताया कि अधिकतर प्रभावित परिवारों को पहले ही उचित मुआवजा दिया जा चुका है।

उन्होंने कहा, "शुरुआत में छूटे लगभग 10 परिवारों को बाद में मुआवजा मिल चुका है। कुछ को भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण से 5.5 लाख रुपये मिले हैं, जबकि अन्य को 4.5 लाख रुपये प्राप्त हुए हैं।"मंत्री के अनुसार, प्रत्येक योग्य दावेदार को मुआवजा मिलना सुनिश्चित करने के लिए प्रखंड विकास कार्यालय (बीडीओ) में अनुमंडल अधिकारी (एसडीओ), अपर जिलाध्यक्ष/अपर जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) और अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में कई बैठकें की गयी हैं। उन्होंने बताया कि वर्तमान सरकार के सत्ता में आने के बाद उन्होंने व्यक्तिगत रूप से इन चर्चाओं में भाग लिया था।

पश्चिम बंगाल के श्री लामा ने कहा कि अब केवल दो या तीन परिवार ही यह आरोप लगा रहे हैं कि वे पीढ़ियों से इस जमीन पर खेती कर रहे थे और बिना मुआवजा मिले ही उनके सुपारी के बागान व मकान छीने गये। शुक्रवार से शुरू हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "मैं खुद उस इलाके का दौरा करूंगा और इस मुद्दे को सुलझाऊंगा।"मंत्री ने दावा किया कि लगभग 99 प्रतिशत स्थानीय निवासी इस परियोजना का समर्थन कर रहे हैं, क्योंकि उनका मानना है कि इससे भारत-भूटान सीमा के जरिये व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र के लिए आर्थिक अवसर पैदा होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि एक छोटा सा वर्ग अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है और इस विरोध-प्रदर्शन को बढ़ावा दे रहा है।

श्री लामा ने बताया कि परियोजना के लिए लगभग 30 एकड़ जमीन पहले ही चिह्नित की जा चुकी है और निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि एलपीएआई उत्तर बंगाल में अन्य स्थल बंदरगाह बुनियादी ढांचे का भी विकास कर रहा है, जिसमें सिलीगुड़ी के पास फूलबाड़ी में आव्रजन जांच चौकी शामिल है। इसके अलावा कूचबिहार में चेंगराबांधा सीमा सुविधा के उन्नयन के प्रस्तावों पर भी विचार किया जा रहा है।

उन्होंने विश्वास जताया कि उचित सत्यापन के बाद बाकी बची शिकायतों का निस्तारण कर दिया जायेगा और सभी योग्य परिवारों को मुआवजा मिलेगा, जिससे यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सीमा पार व्यापार परियोजना सुचारू रूप से आगे बढ़ सकेगी।

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