जम्मू , अप्रैल 14 -- जम्मू- कश्मीर को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत जारी 100-दिवसीय नशा मुक्त अभियान में राज्य पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने ड्रग माफिया के खिलाफ व्यापक कार्रवाई तेज कर दी है। खासतौर पर सीमा से सटे जिलों में सप्लाई चेन तोड़ने और तस्करी रोकने पर ध्यान दिया जा रहा है।
इस अभियान की शुरुआत 11 अप्रैल को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मौलाना आजाद स्टेडियम से की। उन्होंने पदयात्रा को हरी झंडी दिखाते हुए आम लोगों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ वॉकाथॉन में हिस्सा लिया।
डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (डीआईजी) श्रीधर पाटिल ने कहा कि "आदतन तस्करों और ड्रग सप्लायर्स को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।" उन्होंने बताया कि जम्मू, कठुआ और सांबा जिले पाकिस्तान से लगती अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करते हैं, जहां से तस्करी की कोशिशें होती हैं।
श्री पाटिल ने कहा कि पुलिस की रणनीति सप्लाई चेन को जड़ से खत्म करने की है-"प्राप्तकर्ता , माध्यम और उपयोगकर्ता -सभी जांच के दायरे में हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय नेटवर्क और सीमा क्षेत्र में सक्रिय एजेंटों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
पहली बार नशे की गिरफ्त में आए लोगों के लिए काउंसलिंग और पुनर्वास पर जोर दिया जा रहा है, जबकि तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। पुलिस उपमहानिरीक्षक राजौरी- पुंछ, संदीप वजीर ने बताया कि सभी थानों को ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। विशेष टीमें, नाके और निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है ताकि तस्करी और वितरण पर तुरंत रोक लगाई जा सके।
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