जम्मू , सितंबर 22 -- पत्र सूचना कार्यालय, भोपाल के नेतृत्व में जम्मू पहुंचे पत्रकारों के दल ने उद्योग एवं वाणिज्य निदेशालय का दौरा कर जम्मू क्षेत्र में हो रहे औद्योगिक विकास की जानकारी ली। उद्योग एवं वाणिज्य निदेशालय सहायक निदेशक जतिंदर पॉल सिंह ने दल का स्वागत किया और जम्मू-कश्मीर औद्योगिक नीति 2021-30 तथा नई केंद्रीय क्षेत्र योजना (एनसीएसएस 2021) के तहत औद्योगिक क्षेत्र में हो रहे बदलावों की जानकारी दी।
श्री सिंह ने बताया कि जम्मू संभाग में बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास हुआ है। निर्धारित औद्योगिक एस्टेट में सरकारी भूमि पर 1,767 औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं। इनमें कुल 13,391.46 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है और 49,795 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है।
उन्होंने बताया कि नई केंद्रीय क्षेत्र योजना 2021 के तहत 30 सितंबर 2024 तक 971 इकाइयों का पंजीयन हुआ है। इनमें कुल 14,294 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश में 10,514 करोड़ रुपये प्लांट और मशीनरी के लिए हैं। इन इकाइयों से 51,897 लोगों को रोजगार मिलने का अनुमान है और 32,017 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रोत्साहन का अनुमान है।
सहायक निदेशक ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में केंद्र शासित प्रदेश में वास्तविक निवेश 5,824 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो 2021 से पहले के औसत वार्षिक निवेश की तुलना में 13 गुना अधिक है। उन्होंने बताया कि एक अगस्त 2026 तक पंजीकृत 440 नई और विस्तार वाली इकाइयों में से 401 यानी 91 प्रतिशत ने वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र के औद्योगिक इतिहास में पहली बार पैकेजिंग, खाद्य प्रसंस्करण, पॉलिमर और फार्मास्यूटिकल्स जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में कई बड़ी औद्योगिक इकाइयां सफलतापूर्वक स्थापित की गई हैं। इनमें प्रत्येक इकाई में 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश हुआ है।
प्रतिनिधिमंडल को निवेशकों को उपलब्ध संस्थागत सहयोग की भी जानकारी दी गई। इसमें 45 लाख रुपये तक के डीजल जनरेटर सेट पर 100 प्रतिशत सब्सिडी, 50 लाख रुपये तक के प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों पर 60 प्रतिशत सब्सिडी, पात्र इकाइयों के लिए 10 वर्ष तक 100 प्रतिशत नेट एसजीएसटी की वापसी, पांच वर्ष तक टर्नओवर से जुड़े प्रोत्साहन तथा सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से प्रबंधित 99 वर्ष तक का पारदर्शी भूमि लीज ढांचा शामिल है।
बाद में पत्रकारों के दल ने सिडको इंडस्ट्रियल एरिया में स्थापित औद्योगिक इकाइयों का दौरा किया। दल ने नई स्थापित औद्योगिक इकाइयों के कामकाज, उन्नत विनिर्माण क्षमताओं और परिचालन व्यवस्था का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।
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