जम्मू, 27 मई (वार्ता) जम्मू के फल व्यापारियों ने कहा है कि इस साल तरबूज के दामों पर मुंबई की चर्चित घटना का असर है और इसके दाम गिरे हैं लेकिन इसके बावजूद बिक्री में कमी नहीं आयी है।

गौरतलब है कि हाल ही में मुंबई में जहर वाले तरबूज का चर्चित मामले सामने आया था। मुंबई के पायधुनी इलाके में कथित तौर पर जिंक फॉस्फाइड से दूषित तरबूज खाने से एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत हो गई थी। जिंक फॉस्फाइड एक अत्यधिक जहरीला रसायन है जिसका उपयोग आमतौर पर चूहों के जहर में किया जाता है।

जम्मू की नरवाल फल मंडी के पूर्व अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने बताया कि इस घटना के बाद से लोगों में डर बैठा और दाम गिरे हुए हैं लेकिन बिक्री पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। थोक बाजार में तरबूज पंद्रह से पच्चीस रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा था, लेकिन अब कीमतों में भारी गिरावट आई है। श्री गुप्ता ने आरोप लगाया कि मुंबई मामला एक जानबूझकर किया गया काम लगता है। उन्होंने कहा कि व्यापारी पहले से ही कम मुनाफे के कारण परेशान हैं। जम्मू की मंडियों में तरबूज की आपूर्ति स्थानीय स्तर और बाहरी राज्यों, दोनों जगहों से होती है। परिवहन के दौरान भी बड़ी मात्रा में तरबूज खराब हो जाते हैं, जिससे व्यापारियों को होने वाला नुकसान और बढ़ जाता है।

एक अन्य थोक व्यापारी विजय दारी ने कहा कि तरबूज खाने के लिए बिल्कुल सुरक्षित है और उन्होंने जनता से एक अकेली घटना को लेकर घबराने की अपील नहीं करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सीजन की शुरुआत में थोक बाजार में तरबूज अठारह से बाईस रुपये प्रति किलोग्राम बिक रहा था, लेकिन मुंबई जहर मामले के बाद कीमतों पर असर पड़ा है।

जम्मू की नरवाल फल मंडी के महासचिव नितिन जैन ने कहा कि व्यापारी इस समय तरबूज कम दामों पर बेच रहे हैं, हालांकि व्यावसायिक गतिविधियां जारी हैं। श्री जैन ने बताया कि हम थोक बाजार में तरबूज कम दरों पर बेच रहे हैं, लेकिन बिक्री रुकी नहीं है। कुछ निहित स्वार्थी तत्व जानबूझकर फल व्यापार को निशाना बना रहे हैं, लेकिन लोगों को यह समझना चाहिए कि तरबूज खाना सुरक्षित है। उन्होंने आगे कहा कि मुंबई की घटना के बाद मांग में कमी जरूर आई है, लेकिन उपभोक्ताओं के बीच डर का कोई कारण नहीं है।

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