नयी दिल्ली , फरवरी 27 -- जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि केंद्र शासित प्रदेश का उद्देश्य विशेष रूप से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि अधिक खर्च करने वाले घरेलू पर्यटकों को आकर्षित करना है ताकि मूल्य-आधारित और टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सके।
दिल्ली के यशोभूमि प्रदर्शनी केंद्र में चल रही दक्षिण एशिया यात्रा एवं पर्यटन विनिमय (एसएटीटीई) प्रदर्शनी का दौरा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन की पर्यटन रणनीति विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के बजाय गुणवत्ता, स्थिरता और पर्यटक अनुभव को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।
उन्होंने इसे स्पष्ट करते हुए कहा कि सरकार का मुख्य ज़ोर घरेलू पर्यटन पर है। श्री अब्दुल्ला ने कहा "अगर मैं भारतीय पर्यटकों का एक बड़ा हिस्सा आकर्षित कर सकूँ, जो आज काफी अधिक खर्च करते हैं और जिनकी आकांक्षाएँ बहुत अधिक हैं, तो मुझे विदेशी पर्यटकों में विशेष रुचि नहीं है। हमारी प्राथमिकता जम्मू-कश्मीर का पूरे भारत में प्रचार करना और यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पर्यटक संतुष्ट, सम्मानित महसूस करे और दोबारा आने के लिए उत्सुक हो।"व्यापक पर्यटन योजना का उल्लेख हुए मुख्यमंत्री ने मात्रा-आधारित पर्यटन से मूल्य-आधारित पर्यटन की ओर बदलाव पर बल दिया। उन्होंने भारत सरकार के साथ साझेदारी में नौ नये विश्व स्तरीय, टिकाऊ पर्यटन स्थलों को विकसित करने की सरकार की परिकल्पना के बारे में भी बताया।
जम्मू-कश्मीर में साल भर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये मजबूत बुनियादी ढांचे की आवश्यकता पर जोर देते हुए श्री अब्दुल्ला ने श्रीनगर के लिये रेल संपर्क को मजबूत करने और जम्मू-कश्मीर में हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे का विस्तार करने पर बल दिया।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि एसएटीटीई -2026 में जम्मू-कश्मीर पर्यटन की भागीदारी से बुकिंग और पर्यटन स्थल पर पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी, क्योंकि यात्रा का मौसम जल्द ही शुरू होने वाला है।
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