श्रीनगर , सितंबर 24 -- जम्मू-कश्मीर विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने अधिकारियों द्वारा लगातार कई सरकारी वाहनों के इस्तेमाल को लेकर परिवहन मंत्री सतीश शर्मा को फटकार लगायी है।

यह मामला प्रश्नकाल के दौरान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक रणबीर सिंह पठानिया ने उठाया और सवाल किया कि क्या जम्मू-कश्मीर सरकार ने सभी विभागों में 'एक अधिकारी-एक वाहन' की सीमा लागू करने का प्रस्ताव रखा है।

इस सवाल के लिखित जवाब में परिवहन मंत्री ने कहा कि फिलहाल सभी विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू), बोर्डों और स्वायत्त निकायों में अलग-अलग अधिकारियों को सरकारी वाहनों के आवंटन या उनके पास वाहन रखने के लिए एक समान सीमा तय करने वाली कोई विशेष नीति नहीं है।

सरकार ने कहा कि 'संशोधित कार नीति' पर विचार किया जा रहा है और इसमें 'एक वाहन-एक अधिकारी' का सिद्धांत लागू करने का प्रस्ताव है।

प्रस्तावित नीति में सुरक्षा आवश्यकताओं, क्षेत्रीय ड्यूटी, अतिरिक्त जिम्मेदारियों या प्रभार, परिचालन संबंधी जरूरतों तथा संबंधित विभागों या संगठनों की कार्यात्मक आवश्यकताओं के आधार पर अपवाद का प्रावधान हो।

सरकार के अनुसार, मंजूरी मिलने के बाद संशोधित नीति को संबंधित विभागों, सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू), बोर्डों और स्वायत्त निकायों में लागू किया जाएगा।

श्री राथर ने एक सितंबर 2026 को उनके कार्यालय को मिली रिपोर्ट पर कार्रवाई में देरी को लेकर परिवहन मंत्री से सवाल किया। उन्होंने कहा, ''अगर रिपोर्ट एक सितंबर 2026 को आपके कार्यालय में आ गई थी, तो आपने आज तक इस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की और आप हमें बता रहे हैं कि इसमें दो महीने और लगेंगे।''उन्होंने एक अधिकारी के दो विभागों का प्रभार संभालने की स्थिति में उसे अलग-अलग वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाया।

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