श्रीनगर , सितंबर 4 -- जम्मू-कश्मीर ने उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 98.43 प्रतिशत की साक्षरता दर हासिल करते हुए एक पूर्ण साक्षर केंद्र शासित प्रदेश बनने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। राज्य की शिक्षा मंत्री सकिना इटू ने शुक्रवार को इस अभूतपूर्व सफलता की आधिकारिक घोषणा की।

सोशल मीडिया पर जारी एक संदेश में शिक्षा मंत्री ने इसे एक "ऐतिहासिक मील का पत्थर" और जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए अत्यधिक गर्व का क्षण बताया। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश के हर कोने और समुदायों तक शिक्षा के इस अभियान को पहुंचाने के लिए शिक्षकों, प्रशासनिक अधिकारियों, स्वयंसेवकों और शिक्षार्थियों के योगदान की सराहना की।

शिक्षा मंत्री सकिना इटू ने कहा कि यह सफलता उस हर शिक्षक की है जिसने पढ़ाया, उस हर स्वयंसेवक की जिसने अपनी सेवाएं दीं, उस हर अधिकारी की जिसने मार्गदर्शन किया और सबसे बढ़कर उस हर शिक्षार्थी की जिसने सीखने का मार्ग चुना। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा को मजबूत करने और लोगों को सशक्त बनाने के प्रति निरंतर मार्गदर्शन और प्रतिबद्धता के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व का आभार व्यक्त किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित