नयी दिल्ली , जुलाई 10 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन की तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि वह जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने के संबंध में जनता को गुमराह कर रही है।

भाजपा महासचिव तरुण चुघ ने इस प्रस्तावित प्रदर्शन को 'गुपकार गैंग' द्वारा ध्यान भटकाने, अपनी दयनीय विफलताओं को छिपाने और अपने घोषणापत्र में किए गए वादों के साथ विश्वासघात पर पर्दा डालने के लिए एक मृत मुद्दे को पुनर्जीवित करने का प्रयास बताया। उन्होंने कहा "नेशनल कॉन्फ्रेंस के वे लोग - जिन्होंने दशकों तक जम्मू-कश्मीर को वंशवादी राजनीति और भ्रष्टाचार में झोंके रखा और जिन्होंने 1990 में इस क्षेत्र को अशांति में धकेल दिया जिससे कश्मीरी पंडितों का पलायन हुआ-आज लोकतंत्र पर उपदेश देने की कोशिश कर रहे हैं।"उन्होंने कहा, "राज्य का दर्जा देना भाजपा की प्रतिबद्धता और घोषणापत्र का हिस्सा था और इसे संसद के माध्यम से बहाल किया जायेगा, न कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से।"नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 'इंडिया' गठबंधन के नेताओं और जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दलों से नई दिल्ली में 20 जुलाई को होने वाले अपने विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आग्रह किया है। पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारुक अब्दुल्ला ने कांग्रेस नेताओं सोनिया गांधी और राहुल गांधी, द्रमुक प्रमुख एम.के. स्टालिन, तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव, राजद प्रमुख लालू प्रसाद और राकांपा नेता शरद पवार सहित अन्य नेताओं को पत्र लिखा है।

नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, जम्मू-कश्मीर भाजपा अध्यक्ष सत शर्मा, मुख्य मौलवी मीरवाइज उमर फारुक और अन्य क्षेत्रीय नेताओं को भी इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

पीडीपी प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति इस आमंत्रण पर चर्चा करेगी, जबकि जम्मू-कश्मीर अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने तर्क दिया कि रुके हुए विकास को सही ठहराने के लिए राज्य के दर्जे का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।

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