श्रीनगर , मई 12 -- जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में सोमवार देर रात एक मदरसे में भीषण आग लगने से 12 साल के एक किशोर की मौत हो गयी और चार अन्य झुलस गये।
अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।
उन्होंने बताया कि अनंतनाग के मट्टन इलाके में दारुल उलूम बाबा हैदरी ऋषि में रात करीब 1:30 बजे आग लग गयी, जिससे मदरसे की इमारत में रह रहे छात्रों में अफरा-तफरी मच गयी। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव तथा आग बुझाने का काम शुरू किया।
अधिकारियों ने बताया कि कई छात्रों को इमारत से सुरक्षित निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गयी। वार्डन गांव के एक छात्र को गंभीर रूप से जलने की चोटें आईं और बाद में उसकी मौत हो गयी।
इस घटना में चार अन्य छात्र घायल हो गये और उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि घायल छात्रों की हालत स्थिर है। उनमें से तीन को जलने की चोटें आई हैं, जबकि एक को दम घुटने से संबंधित चोटें आई हैं।
दमकल एवं आपातकालीन सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि विभाग पहले से ही हरनाग में आग बुझाने के अभियान में जुटा हुआ था, तभी कंट्रोल रूम को मट्टन में आग लगने की सूचना मिली।
उन्होंने कहा, " जब पहली बचाव टीम मौके पर पहुंची, तो इमारत का पूरा अटारी वाला हिस्सा आग की लपटों में घिरा हुआ था। बच्चे सो रहे थे और दम घुटने के कारण ठीक से हिल-डुल नहीं पा रहे थे। हमारे कर्मचारियों ने उन्हें बचाया और नीचे सुरक्षित ले आये। "उन्होंने बताया कि घटना के समय मदरसे में 33 छात्र मौजूद थे और बाकी सभी को सुरक्षित निकाल लिया गया। अधिकारी ने बचाव अभियान में स्थानीय लोगों और पुलिस की भूमिका की भी सराहना की।
उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों में बेहतर अग्नि सुरक्षा उपायों की अपील करते हुए कहा कि बच्चों को अटारी वाले हिस्सों में सोने देना असुरक्षित है। उन्होंने लोगों से यह भी आग्रह किया कि आपात स्थिति के दौरान दमकल वाहनों की समय पर आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए रात में सड़कों को जाम न करें।
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