जम्मू , जून 29 -- जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस समिति (जेकेपीसीसी) ने पांच जुलाई से पूरे केंद्र शासित प्रदेश में जनसंपर्क अभियान शुरू करने की सोमवार को घोषणा की।
यह अभियान छात्रों, युवाओं, किसानों और जम्मू-कश्मीर के लोगों से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए देशभर में चलाए जा रहे कार्यक्रम का हिस्सा होगा।
यह निर्णय अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) की सचिव दिव्या मदेरणा और जेकेपीसीसी के कार्यकारी अध्यक्ष रमन भल्ला की अध्यक्षता में हुई शहरी और ग्रामीण कांग्रेस समितियों की एक संयुक्त बैठक में लिया गया। इस बैठक में जिला कांग्रेस समिति (ग्रामीण जम्मू) के अध्यक्ष नीरज कुंदन, पीसीसी मुख्यालय प्रभारी वेद महाजन, विधानसभा क्षेत्र प्रभारियों, पर्यवेक्षकों, ब्लॉक अध्यक्षों, वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और जम्मू क्षेत्र के पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
पांच जुलाई के इस अभियान की एक मुख्य विशेषता 'छात्रों की गूंज' होगी, जो छात्रों और युवाओं की चिंताओं को उठाने के लिए कांग्रेस का एक देशव्यापी प्रयास है।
यह कार्यक्रम नीट पेपर लीक, परीक्षाओं में गड़बड़ी, बढ़ती बेरोजगारी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की उन नीतियों पर केंद्रित होगा जिन्हें पार्टी ने छात्र-विरोधी बताया है। कांग्रेस ने कहा कि यह अभियान शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए उसकी प्रतिबद्धता को भी दोहराएगा।
सुश्री मदरेणा ने बैठक में कहा कि कांग्रेस उन छात्रों और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी रहेगी, जिनका भविष्य लगातार परीक्षा विवादों के कारण खतरे में पड़ गया है। उन्होंने नीट पेपर लीक को लाखों युवा भारतीयों की आकांक्षाओं के साथ एक बड़ा विश्वासघात बताया और कहा कि देशव्यापी 'छात्रों की गूंज' अभियान छात्रों की आवाज को बुलंद करेगा एवं देश की परीक्षा प्रणाली की शुचिता की रक्षा करने में भाजपा सरकार की नाकामी को उजागर करेगा।
इस अवसर पर श्री भल्ला ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग बेरोजगारी, बढ़ते बिजली बिल, किसानों की परेशानी और पूर्ण राज्य का दर्जा न मिलने जैसी कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल प्रशासन और निर्वाचित सरकार के बीच शक्तियों के बंटवारे वाली मौजूदा दोहरी शासन व्यवस्था ने जवाबदेही को कमजोर किया है तथा जनता से जुड़े मुद्दों पर फैसले लेने में देरी की है।
श्री भल्ला ने जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की कांग्रेस पार्टी की मांग को दोहराते हुए कहा कि पांच जुलाई का अभियान समाज के सभी वर्गों की चिंताओं को उठाने और भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार को जवाबदेह ठहराने के लिए एक मजबूत लोकतांत्रिक मंच प्रदान करेगा।
कांग्रेस नेतृत्व ने दावा किया कि मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था ने प्रशासनिक भ्रम पैदा किया है और जवाबदेही को कम किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता की चिंताओं को दूर करने और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम एक अकेली, जवाबदेह सरकार सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण राज्य की बहाली बेहद जरूरी है।
बैठक में पांच जुलाई को जम्मू-कश्मीर में नीट पेपर लीक, परीक्षाओं में अनियमितता, बेरोजगारी, किसानों की बदहाली, बिजली दरों में बढ़ोतरी और पूर्ण राज्य के दर्जे की बहाली जैसे मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करते हुए बड़े पैमाने पर जनसंपर्क और विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण जम्मू) के अध्यक्ष नीरज कुंदन ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की नीतियों ने छात्रों, युवाओं और किसानों के बीच अनिश्चितता पैदा की है, जबकि बार-बार होने वाली परीक्षा की गड़बड़ियों और बढ़ती बेरोजगारी ने युवा पीढ़ी का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्याय सुनिश्चित होने तक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीकों से जनता की आवाज उठाती रहेगी।
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