लेह , अगस्त 05 -- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी (सीपीसीओ) तथा जनगणना परिचालन निदेशक (डीसीओ) अमित शर्मा ने डिजिटल तकनीक को अपनाने से जनगणना प्रक्रिया में आये बदलाव का जिक्र करते हुए छात्रों को 'स्व-गणना' सहित जनगणना 2027 से जुड़ी तकनीकी प्रगति में भाग लेने के लिए प्रेरित किया है।

लद्दाख विश्वविद्यालय के लेह परिसर में आयोजित 'जनगणना प्रश्नोत्तरी-सह-जागरूकता सेमिनार' में मुख्य अतिथि के रूप में अपने संबोधन में श्री शर्मा ने नशाखोरी के खतरे के खिलाफ भी जोरदार आवाज उठायी। उन्होंने युवाओं से नशीले पदार्थों से दूर रहने तथा शिक्षा, नवाचार और रचनात्मक कार्यों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लद्दाख इस वर्ष सितंबर के अंत तक जनगणना की प्रक्रिया पूरी करने वाला देश का पहला केंद्र शासित प्रदेश बन जायेगा। देश के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह काम फरवरी 2027 तक पूरा होना है।

उन्होंने लद्दाख विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षकों से अपील की कि वे आगामी 'जनसंख्या गणना' चरण के बारे में जागरूकता फैलायें तथा 'जनगणना 2027' के सच्चे ब्रांड एंबेसडर बनें। लद्दाख में जनसंख्या गणना का काम एक से 30 सितंबर तक चलेगा, जबकि स्व-गणना की सुविधा इससे 15 दिन पहले यानी 17 अगस्त से शुरू हो जायेगी।

इस कार्यक्रम का आयोजन शिक्षकों और छात्रों के बीच जनगणना के महत्व और केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में जनगणना 2027 के अंतिम एवं सबसे महत्वपूर्ण 'जनसंख्या गणना' चरण के बारे में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से किया गया था। प्रश्नोत्तरी-सह-सेमिनार लद्दाख विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो साकेत कुशवाहा के संपूर्ण मार्गदर्शन में आयोजित किया गया था। सेमिनार में विश्वविद्यालय के संकाय सदस्यों और छात्रों के साथ-साथ उप निदेशक एवं सहायक निदेशक समेत जनगणना विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत सीपीसीओ शर्मा, कुलपति कुशवाहा और जनगणना विभाग के अन्य गणमान्य व्यक्तियों के पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन से हुई, जिसके बाद सम्मानित अतिथियों का अभिनंदन किया गया।

लद्दाख विश्वविद्यालय की कुलसचिव सीए प्रियंका सेंगर ने स्वागत भाषण दिया और छात्रों को जनगणना प्रक्रिया से जोड़ने का जिक्र किया।

इससे पहले सभा को संबोधित करते हुए श्री कुशवाहा ने योजना बनाने, नीति निर्माण और देश के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य को समझने के लिए जनगणना को एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया बताया। उन्होंने छात्रों को जागरूकता गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने और जनगणना 2027 के सफल संचालन में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।

कार्यक्रम में 'जनगणना 2027 क्विज' के विजेताओं को पुरस्कार वितरण भी किया गया।

तकनीकी सत्र का संचालन उप मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी अमित कुमार भार्गव और सहायक मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी रोहिणी पोखरेल ने किया। उन्होंने प्रतिभागियों को जनगणना के इतिहास एवं विकास, वर्तमान जनगणना प्रक्रिया, तकनीकी प्रगति और जनगणना 2027 में नागरिकों की भूमिका के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम में जनगणना विभाग के अन्य गणमान्य व्यक्तियों में सहायक मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी विजय कुमार, सहायक मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी बलबीर सिंह, कारगिल के जिला जनगणना समन्वयक सादिक हुसैन और लेह के जिला जनगणना समन्वयक ताशी ओत्साल शामिल थे।

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