श्रीनगर , मार्च 02 -- जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिरीक्षक (उत्तर) मकसूद-उल-ज़मान ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद लगातार दूसरे दिन भी जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के डीआईजी के साथ सोमवार को सोपोर और बारामूला में कई विरोध स्थलों का दौरा कर हालात का जायज़ा लिया कानून-व्यवस्था के इंतज़ामों की समीक्षा की।
उन्होंने इस दौरे के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, सीआरपीएफ अधिकारियों और संवेदनशील जगहों पर तैनात फील्ड कर्मचारियों से बातचीत की।
पुलिस के एक बयान में कहा गया कि अधिकारियों ने लोगों और सम्पति की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए ज़्यादा से ज़्यादा संयम बरतने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को सतर्क रहने, पुलिस और सीआरपीएफ के बीच करीबी तालमेल बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि किसी भी अनहोनी को रोकने के लिए सभी ज़रूरी बचाव के उपाय किए जाएं।
उन्होंने शोक मना रहे प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और जिलों में सद्भाव और सामान्य हालात बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करने की भी अपील की।
कश्मीर घाटी में रविवार को बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन हुए। सोमवार को विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए अलग-अलग इलाकों में पाबंदियां लगाई गईं। हालांकि कई विरोध प्रदर्शन हुए और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने और व्यवस्था बहाल करने के लिए अलग-अलग जगहों पर आंसू गैस के गोले दागे।
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