श्रीनगर , अप्रैल 25 -- जम्मू-कश्मीर अपराध शाखा की आर्थिक अपराध शाखा ने शनिवार को बारामूला की भ्रष्टाचार निरोधी अदालत में एक सरकारी कर्मचारी और एक पूर्व कार्यकारी अभियंता सहित तीन व्यक्तियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। यह मामला पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट में फर्जी नियुक्तियों से जुड़ा है।
अधिकारियों के अनुसार, यह मामला साल 2023 की एक लिखित शिकायत से शुरू हुआ था, जिसमें विभाग में अवैध नियुक्तियों के आरोप लगाए गए थे। जांच के दौरान पाया गया कि नसीर अहमद मीर (निवासी बांदीपोरा) ने साल 1994 के एसआरओ-43 के तहत जारी एक जाली नियुक्ति आदेश का उपयोग करके सरकारी नौकरी हासिल की थी। जांच में पता चला कि इस नियुक्ति आदेश का आधिकारिक रिकॉर्ड में कोई अस्तित्व ही नहीं था।
जांच में आगे यह खुलासा हुआ कि उस समय वरिष्ठ सहायक के रूप में कार्यरत मुश्ताक अहमद मलिक ने नसीर मीर के लिए एक फर्जी सर्विस बुक तैयार की थी। फोरेंसिक विश्लेषण से पुष्टि हुई है कि सर्विस बुक की प्रविष्टियां और हस्ताक्षर स्वयं मुश्ताक मलिक द्वारा किए गए थे। इसके अलावा, बांदीपोरा के तत्कालीन तहसीलदार द्वारा की गई जांच में यह स्पष्ट हुआ कि नसीर मीर नियुक्ति के लिए पात्र ही नहीं था, क्योंकि उसके परिवार की परिस्थितियां इस श्रेणी के मानदंडों को पूरा नहीं करती थीं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित