श्रीनगर , फरवरी 18 -- जम्मू-कश्मीर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने वित्तीय धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में एचडीएफसी बैंक के पांच कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है।

अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि पिछले साल दर्ज हुए इस मामले के सिलसिले में शोपियां और बडगाम जिलों में कई स्थानों पर छापेमारी भी की गयी है।अधिकारियों के अनुसार यह मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत दर्ज किया गया था। इसमें पहचान की चोरी और डिजिटल क्रेडेंशियल के दुरुपयोग से संबंधित धाराएं भी शामिल हैं। आर्थिक अपराध शाखा के अधिकारियों ने बताया कि यह धोखाधड़ी तब सामने आयी जब एचडीएफसी बैंक की शोपियां शाखा में वित्तीय अनियमितताओं की लिखित में शिकायत मिली। शुरुआत में इसकी जांच शोपियां पुलिस ने की गयी, लेकिन बाद में विस्तृत जांच के लिए इसे अपराध शाखा को सौंप दिया गया।

गिरफ्तार हुए आरोपियों की पहचान आदिल अय्यूब गनई (शोपियां), इरफान मजीद जरगर (शोपियां), मुबाशिर हुसैन शेख (कुलगाम), जैद मंजूर (अनंतनाग) और जावेद अहमद भट (पुलवामा) के रूप में हुई है। जांचकर्ताओं ने बुधवार को इस मामले से जुड़े दस्तावेजी और डिजिटल साक्ष्य एकत्र करने के लिए तलाशी अभियान चलाया।

प्रारंभिक जांच के दौरान पुलिस ने शाखा की तिजोरी में उपलब्ध नकदी और सिस्टम लेजर में दिखाई दे रहे नकद शेष के बीच लगभग 1.35 करोड़ रुपये का अंतर पाया। जांचकर्ताओं के अनुसार तत्कालीन शाखा प्रबंधक ने कथित तौर पर अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर फर्जी नकदी जमा प्रविष्टियां की थीं। इसके अलावा एक फर्म के पक्ष में फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने और गिरवी जमीन को लेकर भी गड़बड़ियां सामने आयी हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कई खातों में फर्जी नकदी जमा दिखाई गई थी। इससे जालसाजी का संकेत मिलता है।

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