श्रीनगर , जुलाई 04 -- जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शनिवार को कहा कि सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, व्यवस्था और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पंजीकरण समय सारिणी का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य है।
यात्रा के समग्र प्रबंधन और जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपराज्यपाल ने वरिष्ठ नागरिक, पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों के साथ तीर्थयात्रियों की आवाजाही, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था, आवास, पंजीकरण की स्थिति और अन्य आवश्यक प्रबंधों की समीक्षा की।
इस बैठक में मुख्य सचिव अटल डुल्लू, पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि बैठक के दौरान यह देखा गया कि असामान्य रूप से बड़ी संख्या में तीर्थयात्री बिना वैध पंजीकरण के पहुंच रहे हैं, जिससे तीर्थयात्रियों को यात्रा शुरू करने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
उपराज्यपाल ने इस बात पर बल दिया कि यह यात्रा उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में यात्रा मार्गों पर तीर्थयात्रियों की आवाजाही की निर्धारित सीमा के अनुसार आयोजित की जा रही है। इसलिए, सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए पंजीकरण समय सारिणी का पालन करना बेहद जरूरी है।
बैठक में यह दोहराया गया कि निर्धारित तिथि के लिए केवल वैध पंजीकरण रखने वाले तीर्थयात्रियों को ही पवित्र गुफा की ओर जाने वाले मार्गों पर आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।
उपराज्यपाल ने बिना पंजीकरण वाले इच्छुक तीर्थयात्रियों से अपील की कि वे जम्मू-कश्मीर पहुंचने पर होने वाली किसी भी असुविधा से बचने के लिए अगले कुछ दिनों के लिए अपनी यात्रा स्थगित कर दें।
इसलिए, प्रशासन ने सभी इच्छुक तीर्थयात्रियों से अपनी जम्मू-कश्मीर यात्रा शुरू करने से पहले अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने और अपनी आवंटित तिथि के लिए एक वैध यात्रा पंजीकरण परमिट प्राप्त करने को कहा है। तीर्थयात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे बिना पुष्टि वाले पंजीकरण के यात्रा न करें, क्योंकि उन्हें यात्रा पर आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित