जमुई , अप्रैल 29 -- बढ़ती बिजली कीमतों और ऊर्जा संकट के दौर में जमुई में आयोजित "सौर मेला" आम लोगों के लिए नई उम्मीद बनकर उभरा है।

जिला प्रशासन और विद्युत विभाग की इस पहल का उद्देश्य न केवल सस्ती और स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराना है, बल्कि लोगों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना भी है। मेला में मौके पर ही पंजीकरण, तकनीकी परामर्श और आसान बैंक लोन की सुविधा ने इसे आम उपभोक्ताओं के लिए बेहद उपयोगी बना दिया है।

मेला में आम जनता, किसान, छोटे व्यवसायी और उपभोक्ताओं को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। खास बात यह रही कि यहां सिर्फ जानकारी ही नहीं, बल्कि मौके पर ही पंजीकरण, तकनीकी परामर्श और बैंक लोन की प्रक्रिया भी समझाई गई। इससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो गई।

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की विस्तृत जानकारी दी गई, जिसके तहत लोग अपने घरों की छत पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल में भारी कटौती कर सकते हैं।

जिलाधिकारी नवीन ने बताया कि एक किलोवाट सोलर सिस्टम पर करीब 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलती है, जबकि बाकी राशि आसान किस्तों में बैंक लोन के जरिए चुकाई जा सकती है।

जिलाधिकारी नवीन ने कहा कि यह पहल सिर्फ बिजली बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि पहले से आवेदन कर चुके लोगों के लोन स्वीकृत किए जा रहे हैं, वहीं नए आवेदनों की प्रक्रिया भी तेज की गई है। खास तौर पर बीपीएल परिवारों के लिए यह योजना पूरी तरह मुफ्त रखी गई है।

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