पटना , सितंबर 21 -- भारत की कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भकपा-माले) के बिहार राज्य सचिव कुणाल ने जमुई में कोचिंग से अपने मित्र के साथ लौट रही नाबालिग छात्रा और उसके साथी छात्र के साथ सरेआम बदसलूकी एवं मारपीट की घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि इस घटना ने राज्य में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं।श्री कुणाल ने आज यहां जारी बयान में कहा कि नाबालिग छात्रा को सड़क पर रोककर उसके साथ अभद्रता की गयी और उसके साथी छात्र के साथ मारपीट की गयी। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक आपराधिक घटना नहीं है, बल्कि राज्य में कानून के भय और प्रशासनिक जवाबदेही की स्थिति पर भी गंभीर प्रश्न खड़ा करती है।
उन्होंने कहा कि सरकार को केवल घटना के बाद गिरफ्तारी की जानकारी देकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। सवाल यह है कि छात्राओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के सरकार के दावों के बावजूद ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक क्यों नहीं लग पा रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा केवल भाषणों और सरकारी दावों का विषय नहीं, बल्कि सड़क से लेकर शिक्षण संस्थानों तक ठोस सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही सुनिश्चित करने का प्रश्न है।
भाकपा-माले के राज्य सचिव ने कहा कि भाजपा सरकार को महिला सुरक्षा के नाम पर राजनीतिक बयानबाजी के बजाय धरातल पर जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। स्कूल और कोचिंग जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने, शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने तथा महिलाओं के विरुद्ध अपराधों की जांच समयबद्ध तरीके से पूरी करने की आवश्यकता है।
श्री कुणाल ने कहा कि जमुई की घटना प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए भी गंभीर चिंता का विषय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले के सभी दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के साथ ही राज्य में छात्राओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए ठोस एवं जवाबदेह व्यवस्था कायम करनी चाहिए।
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