पटना , सितंबर 24 -- िन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने जमुई, समस्तीपुर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं और बेटियों के साथ हुई घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएँ पूरे समाज को झकझोरने वाली हैं। डॉ. संतोष कुमार सुमन ने आज बयान जारी कर कहा कि सरकार, पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि प्रत्येक मामले की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों के विरुद्ध कानून के तहत सख्त कार्रवाई हो और पीड़ित को न्याय मिले। लेकिन यह मान लेना कि ऐसी घटनाओं को रोकने की पूरी जिम्मेदारी केवल सरकार और पुलिस की है, पर्याप्त नहीं होगा। समाज को भी अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी होगी और सामूहिक रूप से आत्ममंथन करना होगा।

मंत्री ने कहा कि परिवार, समाज, विद्यालय, महाविद्यालय और सामाजिक संस्थाओं की भूमिका केवल घटना के बाद प्रतिक्रिया देने तक सीमित नहीं हो सकती। हमें बच्चों और युवाओं में शुरू से ही संस्कार, अनुशासन, संवेदनशीलता, मर्यादा और महिलाओं के सम्मान की भावना विकसित करनी होगी। उन्होंने कहा कि समाज के हर व्यक्ति को गलत आचरण के प्रति सजग रहना होगा और ऐसी मानसिकता को बढ़ावा देने वाली चुप्पी को तोड़ना होगा। युवाओं को कानून का सम्मान करने के साथ यह भी समझना होगा कि महिलाओं और बेटियों का सम्मान हमारे सामाजिक और मानवीय मूल्यों का अभिन्न हिस्सा है।

डॉ. सुमन ने कहा कि भारतीय सभ्यता और संस्कृति की मूल भावना सम्मान, मर्यादा और मानवीय संवेदनाओं पर आधारित रही है। इसलिए ऐसी घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती नहीं, बल्कि हमारे सामाजिक मूल्यों के लिए भी गंभीर चेतावनी हैं। उन्होंने कहा कि हमें घटनाओं के बाद केवल दोषी की तलाश तक सीमित नहीं रहना है, बल्कि उन कारणों पर भी विचार करना है जिनसे ऐसी मानसिकता जन्म लेती है। सरकार और पुलिस कानून के स्तर पर अपनी जिम्मेदारी पूरी करें, समाज अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाए और परिवार तथा शिक्षण संस्थान नई पीढ़ी के संस्कार पर ध्यान दें,इसी सामूहिक प्रयास से ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।

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