रामगढ़ , जून 30 -- झारखंड के रामगढ़ जिले के मांडू थाना क्षेत्र के बलसगरा शर्मा टोला स्थित सियारी टांड़ में मंगलवार को जमीन विवाद को लेकर गिरिडीह में पदस्थापित अवर निबंधक (सब-रजिस्ट्रार) बालेश्वर पटेल की लाठी और पत्थर से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना सुबह करीब आठ बजे की है।

पुलिस ने मामले में एक ही परिवार के छह सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, हूल दिवस के अवकाश के कारण बालेश्वर पटेल सोमवार रात अपने पैतृक गांव रबोध के पेसराकांडी पहुंचे थे। मंगलवार सुबह वे बलसगरा शर्मा टोला के सियारी टांड़ स्थित अपनी खरीदी हुई जमीन पर बोरिंग में समरसेबल पंप लगवाने गए थे। इसी दौरान पड़ोसी परिवार के साथ पहले से चल रहे जमीन विवाद को लेकर कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने बालेश्वर पटेल पर लाठी और पत्थरों से हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन और ग्रामीण उन्हें तत्काल इलाज के लिए कुजू स्थित होप अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही मांडू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र किए। पुलिस ने खून के नमूने भी लिए तथा मामले की जांच शुरू कर दी।

मृतक की पत्नी रीता देवी ने मांडू थाना में लिखित आवेदन देकर सात लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। नामजद आरोपियों में रामू साव उर्फ ज्ञानी साव, विष्णु कुमार, संतोष साव उर्फ पूम्पुम, पूजा देवी, रुबी देवी, विजय कुमार और डॉली कुमारी शामिल हैं।

आवेदन में हेमंत पांडे और दिनेश्वर साव पर घटना की साजिश रचने का आरोप भी लगाया गया है। साथ ही घटना के समय बबिता देवी की मौजूदगी का भी उल्लेख किया गया है।

इधर, मांडू विधायक निर्मल महतो ने घटना को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो संभवतः एक व्यक्ति की जान बचाई जा सकती थी। विधायक ने राज्य में पुलिस व्यवस्था पर भी चिंता जताई।

पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा सभी पहलुओं पर अनुसंधान जारी है।

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