बैतूल , अगस्त 12 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की आमला तहसील में शासकीय नियमों की अनदेखी कर रिश्तेदारों के नाम जमीन खरीदने और शासन को राजस्व हानि पहुंचाने के मामले में कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने चार पटवारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित पटवारियों में आनंदराव मोहबे, सुरेंद्र मस्की, नितेश पवार और सागर राठौर शामिल हैं। चारों के विरुद्ध विभागीय जांच भी संस्थित की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आमला मेन रोड स्थित व्यावसायिक भूमि को कथित रूप से शासन की आवश्यक अनुमति के बिना आवासीय प्रयोजन के लिए डायवर्जन किए जाने तथा करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि रिश्तेदारों के नाम पर खरीदे जाने का मामला सामने आया था। जांच में इस प्रक्रिया से शासन को लाखों रुपये की स्टाम्प ड्यूटी के रूप में राजस्व हानि होने की बात सामने आई।
मामले की जांच तहसीलदार और अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), आमला द्वारा की गई। जांच के दौरान संबंधित भूमि के अभिलेख, क्रय-विक्रय प्रक्रिया, आवश्यक अनुमति और अन्य दस्तावेजों का परीक्षण किया गया। जांच प्रतिवेदन में नियमों के उल्लंघन के तथ्य सामने आने के बाद संबंधित पटवारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई।
जांच के आधार पर चारों पटवारियों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। अधिकारियों के अनुसार उनके जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। इसके बाद कलेक्टर ने चारों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
जांच में संबंधित पटवारियों द्वारा आमला मेन रोड स्थित भूमि को अपने रिश्तेदारों के नाम पर आवश्यक अनुमति के बिना क्रय किए जाने की बात भी सामने आई। सरकारी सेवा में रहते हुए भूमि संबंधी नियमों और शासकीय प्रावधानों की अनदेखी को प्रशासन ने गंभीर कदाचार माना है।
निलंबन के साथ विभागीय जांच भी शुरू की गई है। इसमें संबंधित कर्मचारियों की भूमिका, भूमि के क्रय-विक्रय की प्रक्रिया, आवश्यक अनुमतियों, अभिलेखों और शासन को हुई राजस्व क्षति की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।
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