नयी दिल्ली , सितंबर 10 -- दिल्ली सरकार ने राजधानी में जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए बड़ा फैसला लिया है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में 'मुख्यमंत्री खेल प्रोत्साहन योजना' (एमकेपीवाई) के तहत 'ग्रासरूट ट्रेनिंग सपोर्ट असिस्टेंस' घटक शुरू करने को मंजूरी दी गयी। इसके तहत दिल्ली सरकार के स्पोर्ट्स सेंटर और स्टेडियम में नियमित प्रशिक्षण लेने वाले पात्र युवा खिलाड़ियों को 2,000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जायेगी।

उन्होंने कहा कि इस सहायता का उद्देश्य आर्थिक कारणों से खिलाड़ियों के प्रशिक्षण में आने वाली बाधाओं को दूर करना है। यह राशि पोषण, स्थानीय आवागमन, छोटे खेल उपकरण और चिकित्सा जैसी आवश्यकताओं पर खर्च की जा सकेगी। योजना का लाभ अंडर-14, अंडर-17, अंडर-19 और अंडर-21 आयु वर्ग के खिलाड़ियों को मिलेगा। प्रत्येक सरकारी स्पोर्ट्स सेंटर या स्टेडियम में नियमित रूप से नामांकित प्रशिक्षुओं में से अधिकतम 25 प्रतिशत पात्र खिलाड़ियों को सहायता दी जायेगी। सामान्य स्थिति में एक सेंटर या स्टेडियम में अधिकतम 100 खिलाड़ी इसके दायरे में होंगे, जबकि बड़े स्टेडियमों में बजट उपलब्धता के आधार पर यह संख्या 150 तक बढ़ायी जा सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा किलाभार्थियों का चयन केवल आर्थिक स्थिति के आधार पर नहीं होगा, बल्कि खेल प्रदर्शन एवं संभावनाओं, नियमित उपस्थिति, अनुशासन और आर्थिक आवश्यकता को ध्यान में रखा जायेगा। खिलाड़ियों के लिए नियमित नामांकन और कम से कम 80 प्रतिशत उपस्थिति सहित निर्धारित पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी होगा। लाभार्थियों के प्रदर्शन, उपस्थिति और अनुशासन की हर तिमाही समीक्षा की जायेगी, ताकि सहायता वास्तविक रूप से नियमित प्रशिक्षण लेने और आगे बढ़ने की क्षमता रखने वाले खिलाड़ियों तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मौजूदा ट्रेनिंग सपोर्ट मॉड्यूल के तहत स्कूल स्तर के शीर्ष रैंक वाले खिलाड़ियों को कोचिंग, उपकरण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और पोषण सहित अन्य जरूरतों के लिए पांच लाख रुपये सालाना तक की सहायता दी जाती है। वहीं दिल्ली और भारत का उच्चतम स्तर पर प्रतिनिधित्व करने वाले एलीट खिलाड़ियों को 20 लाख रुपये सालाना तक की सहायता का प्रावधान है। मान्यता प्राप्त अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भागीदारी के पात्र खर्च के लिए प्रति खिलाड़ी दो लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति भी उपलब्ध है।

शिक्षा एवं खेल मंत्री आशीष सूद ने कहा कि दिल्ली में प्रतिभाओं की कमी नहीं है और सरकार का प्रयास है कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कोई प्रतिभाशाली खिलाड़ी अपने खेल का सपना अधूरा न छोड़े।

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