जमशेदपुर/रांची, मार्च 16 -- नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के महासचिव पवन कुमार सिंह ने आज जमशेदपुर के होटल अल्कोर में एनआरएआई राष्ट्रीय कोचेज़ कोर्स का उद्घा टन किया।
यह झारखंड के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि राज्य के गठन (2000) के बाद पहली बार इस प्रकार का राष्ट्रीय स्तर का कोच प्रशिक्षण कार्यक्रम यहां आयोजित किया जा रहा है।
इस सात दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम में पांच राज्यों-झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कुल 33 कोच भाग ले रहे हैं। इस कोर्स का उद्दे श्य राइफल और पिस्टल शूटिंग में कोचिंग के स्तर को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर अधिक प्रशिक्षित कोच तैयार करना है।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को एनआरएआई के अनुभवी फैकल्टी सदस्यों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। कोर्स में तकनीकी शूटिंग कौशल, स्पोर्ट्स साइंस, कोचिंग विधियां और संचार तकनीकों जैसे विषय शामिल हैं। इसका उद्दे श्य ऐसे कोच तैयार करना है जो युवा खिलाड़ियों का सही मार्गदर्शन कर सकें और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के प्रदर्शन को और बेहतर बना सकें।
उद्घा टन समारोह के दौरान बोलते हुए एनआरएआई के महासचिव पवन कुमार सिंह ने झारखंड राज्य राइफल संघ के अध्यक्ष दिवाकर सिंह और पूरी राज्य इकाई को जमशेदपुर में इस कोर्स के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि नए क्षेत्रों में इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन खेल के विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य राइफल संघ ने इस कोर्स की मेजबानी कर एक बहुत सकारात्मक कदम उठाया है। इससे जमीनी स्तर पर मजबूत कोचिंग व्यवस्था विकसित होगी और राज्य के युवा निशानेबाजों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।"श्री सिंह ने इस कार्यक्रम के समर्थन के लिए ओलंपिक गोल्ड क्वेस्ट (ओजी क्यू) का भी धन्यवाद किया, जिनकी सहायता से यह कोर्स कोचों के लिए बिना किसी भागीदारी शुल्क के आयोजित किया जा सका।
अपने संबोधन के दौरान श्री सिंह ने देशभर में शूटिंग खेलों के विस्तार के लिए एनआरएआई की भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनआरएआई एक ऑनलाइन लर्निंग सिस्टम विकसित करने की योजना बना रहा है, जिसके माध्यम से प्रशिक्षित कोच स्कूलों के शारीरिक शिक्षा (पीटी) शिक्षकों को शूटिंग और खेल प्रशिक्षण की मूल बातें सिखाने में मदद करेंगे। इस प्रणाली के माध्यम से कोच शिक्षकों का मार्गदर्शन करेंगे ताकि अधिक से अधिक स्कूलों में शूटिंग और अन्य खेल गतिविधियों की शुरुआत हो सके।
उन्होंने कहा, "एनआरएआई देश के हर कोने तक सीधे नहीं पहुंच सकता। इसलिए प्रशिक्षित कोच इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। वे स्कूलों के पीटी शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे और छात्रों को सही तरीके से शूटिंग तथा खेलों से परिचित कराएंगे।"श्री सिंह ने एक नई पहल की भी घोषणा की, जिससे स्कूल के छात्रों के लिए शूटिंग सीखना और आसान हो जाएगा।उन्होंने कहा, "अगले वर्ष से हम 'टेबल से शूटिंग' नामक एक सरल प्रारूप शुरु करने की योजना बना रहे हैं। इस प्रारूप में छात्र टेबल सेटअप का उपयोग करते हुए एयर राइफल या एयर पिस्टल शूटिंग का अभ्यास कर सकेंगे, जिससे सीमित बुनियादी ढांचे वाले स्कूलों के लिए भी इस खेल को शुरू करना आसान हो जाएगा।
इस कार्यक्रम में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे चलकर उचित शूटिंग रेंज और पेशेवर प्रशिक्षण का अवसर दिया जाएगा।उन्होंने कहा कि एनआरआईए 17 अप्रैल 2026 को देश में शूटिंग खेलों की सेवा के 75 वर्ष पूरे करेगा। हम सभी राज्य राइफल संघों से अनुरोध करते हैं कि वे इस प्लैटिनम जुबली वर्ष को मनाने के लिए अपने-अपने शूटिंग रेंजों पर प्रतियोगिताएं, प्रशिक्षण शिविर और अन्य कार्यक्रम आयोजित करें, ताकि नई पीढ़ी के निशानेबाजों को प्रेरित किया जा सके।"झारखंड राज्य राइफल संघ के अध्यक्ष दिवाकर सिंह ने भी जमशेदपुर में इस कोर्स की मेजबानी करने पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, "झारखंड में 26 वर्षों बाद एनआरएआई कोचेज़ कोर्स की मेजबानी करना हमारे लिए बहुत गर्व की बात है। यह कार्यक्रम हमारे स्थानीय कोचों को पेशेवर ज्ञान प्रदान करेगा और राज्य के युवा निशानेबाजों के प्रशिक्षण स्तर को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य संघ का लक्ष्य झारखंड के प्रत्येक जिले में शूटिंग खेल को बढ़ावा देना है।उन्होंने कहा, "हमारा उद्दे श्य शूटिंग को अधिक लोकप्रिय और सुलभ बनाना है। एन आर ए आई के सहयोग से हम विभिन्न जिलों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करेंगे और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करेंगे।
श्री सिंह ने एनआरएआई से अनुरोध किया कि भविष्य में झारखंड में ज़ोनल शूटिंग चैंपियनशिप आयोजित करने पर भी विचार किया जाए। इस पर पवनकुमार सिंह ने आश्वासन दिया कि आवश्यक बुनियादी ढांचा विकसित होने के बाद एन आर ए आई पूर्ण सहयोग देगा। यह कोर्स विभिन्न राज्यों के कोचों को एक साथ सीखने, अनुभव साझा करने और पड़ोसी शूटिंग संघों के बीच सहयोग को मजबूत करने का अवसर भी प्रदान करता है।
एनआरएआई अपने एनआर आई एजुकेशन प्रोग्राम के माध्यम से शिक्षा और क्षमता निर्माण पर विशेष ध्यान दे रहा है। अब तक इस कार्यक्रम के तहत देशभर में राइफल, पिस्टल और शॉटगन विधाओं में 900 से अधिक कोच और 500 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
भारत में शूटिंग खेलों की लोकप्रियता भी लगातार बढ़ रही है। 2025 में आयोजित राष्ट्रीय शूटिंग चैंपियनशिप में देशभर से 19,500 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया। झारखंड में भी इस खेल के प्रति रुचि बढ़ रही है, जहां एन आर ए आई के साथ 1,150 से अधिक खिलाड़ी पंजीकृत हैं और लगभग 350 निशानेबाजों ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लिया।
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