भोपाल , फरवरी 5 -- मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (एमपीपीजीसीएल) जबलपुर के नयागांव स्थित पॉवर जनरेटिंग प्रशिक्षण संस्थान में लगभग 14 करोड़ रुपये की लागत से देश का सबसे बड़ा मल्टी-फंक्शनल थर्मल एवं हाइड्रो ऑपरेटर ट्रेनिंग सिम्युलेटर स्थापित करने जा रही है। इस अत्याधुनिक सिम्युलेटर के माध्यम से विद्युत उत्पादन से जुड़े अभियंताओं को संयंत्रों के संचालन, नियंत्रण तथा आपातकालीन परिस्थितियों के प्रबंधन का यथार्थपरक और व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे प्लांट ट्रिपिंग जैसी घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है। यह सिम्युलेटर रिमोट ऑपरेशन सुविधा से भी युक्त होगा।

इस पहल के बाद पॉवर जनरेटिंग प्रशिक्षण संस्थान न केवल मध्यप्रदेश बल्कि अन्य राज्यों की विद्युत कंपनियों के अभियंताओं एवं तकनीकी विद्यार्थियों के लिए भी एक प्रमुख प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित होगा। एमपीपीजीसीएल अपने कार्मिकों को उच्च स्तरीय तकनीकी, वित्तीय एवं प्रबंधकीय दक्षताओं से सुसज्जित करने के उद्देश्य से मुख्यालय स्थित नयागांव के प्रशिक्षण संस्थान को आधुनिक नवाचारों के साथ सुदृढ़ कर रही है।

कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह, डायरेक्टर टेक्निकल सुबोध निगम एवं डायरेक्टर कॉमर्शियल मिलिन्द भान्दक्कर के मार्गदर्शन में यह संस्थान ऊर्जा क्षेत्र में एक अग्रणी प्रशिक्षण केंद्र के रूप में उभर रहा है। मुख्य अभियंता मानव संसाधन एवं प्रशासन दीपक कुमार कश्यप ने बताया कि संस्थान में आधुनिक स्मार्ट कक्षाएं विकसित की जा रही हैं, जहां कंपनी के सभी कैडर के कार्मिकों को तकनीकी, वित्तीय और प्रबंधकीय विषयों पर समग्र प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह संस्थान नवनियुक्त कार्मिकों के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग का भी प्रमुख केंद्र होगा।

मिड-कैरियर ट्रेनिंग पॉलिसी के अंतर्गत सहायक अभियंता से लेकर अतिरिक्त मुख्य अभियंता स्तर तक के कार्मिकों के लिए विशेष संरचित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। प्रशिक्षण परिसर में 150 सीट क्षमता वाला अत्याधुनिक 'मंत्रा' ऑडिटोरियम तथा 21 कंप्यूटरों से युक्त आधुनिक आईटी प्रशिक्षण केंद्र भी निर्माणाधीन है, जहां ईआरपी, ऑटोकैड, प्राइमावेरा सहित विभिन्न तकनीकी और वित्तीय सॉफ्टवेयर पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके साथ ही संस्थान में मॉडल रूम और डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जा रही है, जिसमें हाइड्रो एवं थर्मल पॉवर प्लांट, कोल हैंडलिंग प्लांट, टरबाइन, जनरेटर, बॉयलर, ईएसपी, कंडेंसर एवं कूलिंग टावर के कार्यशील मॉडल स्थापित होंगे। प्रशिक्षणार्थियों के आवास हेतु लगभग 3.8 करोड़ रुपये की लागत से 16 कमरों का छात्रावास भी निर्माणाधीन है, जिसमें डाइनिंग हॉल, किचन, रिक्रिएशन हॉल और मिनी जिम की सुविधाएं होंगी। साथ ही, एक हाई-टेक स्टूडियो भी विकसित किया जाएगा, जहां प्रशिक्षण वीडियो की रिकॉर्डिंग और संपादन कर उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित किया जाएगा।

एमपीपीजीसीएल की यह पहल मानव संसाधन विकास के साथ-साथ आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण उत्कृष्टता के माध्यम से राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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