चंडीगढ़ , अक्टूबर 31 -- शिरोमणि अकाली दल पुनर्सुरजीत के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने आम आदमी पार्टी (आप) की ओर से पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए जारी उम्मीदवारों की पहली सूची पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चुनावी राजनीति में पहल करना राजनीतिक रूप से फायदेमंद हो सकता है, लेकिन जनता के प्रमुख मुद्दों से आंखें मूंदने वाली पार्टियों को किसी भी रणनीति के दम पर जीत की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए।

शनिवार को एक बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे से मरने वालों के शव उनके परिजनों से लेने के लिए पुलिस का दुरुपयोग किया जा रहा है। नशा कारोबारियों के खिलाफ आवाज उठाने वालों की दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं और राज्य में गिरोहवाद का बोलबाला है। उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों, कारोबारियों और नौकरीपेशा लोगों से धमकियां देकर फिरौती मांगी जा रही है तथा गोलीबारी की घटनाएं आम होती जा रही हैं। इसके बावजूद लोगों की सुरक्षा और सुविधाएं सुनिश्चित करने का वादा करने वाली सरकार खोखले दावे कर दोबारा सत्ता में आने के सपने देख रही है।

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि आम लोगों के बीच से उभरने का दावा करने वाले नेता अब इतने खास हो गए हैं कि पीड़ित परिवारों से मिलने, जनता के सवाल सुनने और उनका जवाब देने से भी बच रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारी बहुमत से सत्ता में पहुंचाने वाले लोग जरूरत पड़ने पर सरकारों को सत्ता से बाहर करने में भी देर नहीं लगाते।

उन्होंने मुख्यमंत्री से भम्मे कलां के युवक का शव उसके परिवार को सौंपने, परिवार से माफी मांगने और उसे उचित मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने मानसा में लोगों के साथ कथित ज्यादती करने वाले पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर गिरफ्तार करने तथा हिरासत में लिए गए सभी युवकों को रिहा करने की भी मांग की। इसके अलावा उन्होंने शहीद परविंदर सिंह के परिवार से मुलाकात कर उनकी मांगों का तत्काल समाधान करने का आग्रह किया।

ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि जनता के बीच से उठकर सत्ता में पहुंचने वालों को आम लोगों के साथ अपना जुड़ाव बनाए रखना चाहिए, न कि शासक बनकर उन पर जुल्म की लकीर खींचनी चाहिए। बयान मीडिया प्रभारी तेजिंदर सिंह पन्नू की ओर से जारी किया गया।

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