लखनऊ , अगस्त 8 -- नशे के खिलाफ जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से शनिवार को जन भवन से 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत साइकिल रैली निकाली गई। रैली में जन भवन के करीब 150 कार्मिकों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त जीवन अपनाने का संदेश दिया।
राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के निर्देशन में आयोजित साइकिल रैली जन भवन से रवाना होकर लखनऊ के विभिन्न वार्डों से होते हुए वापस जन भवन पहुंचकर समाप्त हुई। रैली के दौरान प्रतिभागियों ने नशे के विरुद्ध जागरूकता संबंधी संदेश लोगों तक पहुंचाए। विभिन्न पड़ावों पर आम लोगों को नशे के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए नशे से दूर रहने का आह्वान किया गया।
योगी सरकार की नशामुक्त उत्तर प्रदेश की मुहिम में सरकारी प्रयासों के साथ सामाजिक भागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। साइकिल रैली इसी दिशा में एक पहल रही। जन भवन के कार्मिकों ने सड़क पर उतरकर लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया और विशेष रूप से युवाओं को नशे की गिरफ्त से दूर रहने का संदेश दिया।
रैली के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से गुजरते हुए प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक संकल्प का संदेश दिया। अभियान के माध्यम से परिवारों को जागरूक करने और युवाओं के लिए नशे से मुक्त एवं सकारात्मक वातावरण तैयार करने पर भी जोर दिया गया।
राज्य मद्यनिषेध अधिकारी आर.एल. राजवंशी ने कहा कि 'नशा मुक्त भारत अभियान' का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना है। साइकिल रैली के माध्यम से जनसामान्य तक यह संदेश पहुंचाया गया कि स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है।
रैली में राज्यपाल के विशेष कार्य अधिकारी सुधीर एम. बोबड़े, पार्षद नागेंद्र चौहान, पार्षद अमित चौधरी सहित उत्तर प्रदेश के कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
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