जयपुर , अगस्त 08 -- राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि जन अभाव अभियोग निराकरण समिति आमजन की समस्याओं को सुनकर उन्हें प्रशासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण काम करते हुए उनके समाधान की प्रक्रिया को गति देने तथा उसकी निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
श्री शर्मा शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर विभिन्न जिला स्तरीय जन अभाव अभियोग निराकरण समिति सदस्यों के धन्यवाद एवं आभार कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर समिति के सदस्य सेवा के भाव के साथ नागरिकों की समस्याओं को हल करने के लिए सक्रियता से काम करें। उन्होंने कहा कि समिति के सदस्य जनता और प्रशासन के बीच मजबूत सेतु हैं। वे आमजन के जन अभाव और अभियोग का त्वरित समाधान करते हैं तथा धरातल पर योजनाओं के क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनता के लिए है, जनता के बीच है और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तत्पर है। इसी सोच के साथ प्रदेश में जनसुनवाई की व्यवस्था को मजबूत बनाया गया है, जिसके माध्यम से महिला, युवा, किसान और गरीब की दिक्कतों को पूर्ण संवेदनशीलता के साथ सुनकर उनका निराकरण किया जाता है। इससे राजस्थान में सुशासन का संकल्प साकार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 181 राजस्थान संपर्क अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति की शिकायत राज्य सरकार तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है। गत जून में करीब 4 लाख 97 हजार नई शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से करीब 4 लाख 90 हजार शिकायतों का निस्तारण किया गया। अब इन शिकायतों के निस्तारण की औसत अवधि घटकर केवल 12 दिन रह गई है। 181 के माध्यम से जन समस्याओं की समग्र निस्तारण दर 99.17 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी संपर्क कॉल सेंटर पर जाकर लोगों की समस्याएं सुनते हैं तथा उनका समाधान भी सुनिश्चित करते हैं।
उन्होंने कहा कि आज का समय डिजिटल तकनीक का है। अब प्रदेश के आमजन वाट्सअप पर संदेश भेजकर निवास, आय, जाति प्रमाण पत्र सहित अनेक सरकारी सेवाओं का घर बैठे लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि डिजिटल राजस्थान के माध्यम से सुशासन को अधिक सरल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाते हुए सरकारी सेवाओं को हर व्यक्ति तक सहजता से पहुंचाया जा रहा है।
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