मुंबई , सितंबर 01 -- न्माष्टमी के अवसर पर सोनी सब के कलाकारों ने भगवान कृष्ण की शिक्षाओं और उनके जीवन में महत्व को साझा किया है। करुणा पांडे, विवाना सिंह, मुस्कान बामने, जितेन लालवानी और तोरल रसपुत्रा ने बताया कि कृष्ण की कौन-सी शिक्षाएं उन्हें प्रेरित करती हैं और वे उन्हें अपने जीवन में किस तरह अपनाते हैं।'पुष्पा इम्पॉसिबल' में पुष्पा की भूमिका निभा रहीं करुणा पांडे ने कहा कि इस बार जन्माष्टमी उनके लिए खास है, क्योंकि यह उनके जन्मदिन के दिन पड़ रही है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण की 'कर्म कर और फल की इच्छा मत कर' वाली शिक्षा में उनका गहरा विश्वास है। व्यक्ति अपने कर्म को नियंत्रित कर सकता है, परिणाम को नहीं और इसलिए वह ईमानदारी से अपना काम करने पर ध्यान देती हैं।

'हस्तिनापुर के वीर' में गांधारी की भूमिका निभा रहीं विवाना सिंह ने कहा कि कृष्ण की शिक्षाओं में उन्हें सबसे अधिक यह बात प्रभावित करती है कि परिस्थितियां कितनी भी जटिल हों, व्यक्ति को उस बात पर अडिग रहना चाहिए जिसे वह सही मानता है। जीवन में आसान और सही विकल्प हमेशा एक जैसे नहीं होते।

इसी शो में शनाया की भूमिका निभा रहीं मुस्कान बामने ने कहा कि उनके लिए भगवान कृष्ण का सबसे बड़ा सबक विश्वास है। उन्होंने कहा कि हर चीज को नियंत्रित करने के बजाय अपनी पूरी कोशिश करने और उसके बाद आगे की राह पर विश्वास करने से उन्हें अधिक शांत रहने और बदलाव को स्वीकार करने में मदद मिलती है।

'हस्तिनापुर के वीर' में द्रोणाचार्य की भूमिका निभा रहे जितेन लालवानी ने कहा कि वह भगवद्गीता की शिक्षाओं का गहरा सम्मान करते हैं। उन्होंने सफलता और असफलता दोनों परिस्थितियों में संतुलित बने रहने को महत्वपूर्ण बताया। एक अभिनेता के रूप में वह अपनी अच्छी और कमजोर प्रस्तुतियों से सीखने और समान विनम्रता के साथ आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं।

इसी शो में कुंती की भूमिका निभा रहीं तोरल रसपुत्रा ने कहा कि भगवान कृष्ण की शिक्षाएं उन्हें दूसरों के प्रति अधिक करुणामय बनने और जल्दबाजी में किसी के बारे में राय नहीं बनाने के लिए प्रेरित करती हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति किसी न किसी ऐसी लड़ाई से गुजर रहा हो सकता है, जिसके बारे में दूसरों को जानकारी नहीं होती। ऐसे में किसी को समझने की कोशिश करना और उसकी बात सुनना महत्वपूर्ण है।

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