नयी दिल्ली , अक्टूबर 04 -- केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक नागरिक, एक वोट को निष्पक्ष चुनावों की नींव बताते हुए कहा है कि चुनाव हारने के बाद जनादेश का अपमान करने का कांग्रेस की पुरानी आदत है।

श्री चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर रविवार को जारी बयान में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में धांधली के मुद्दे पर चुनाव आयोग की निंदा करने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगने को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर निशाना साधा और कहा, "हारने पर जनादेश का अपमान करना कांग्रेस की पुरानी आदत है। चुनाव आयोग को बदनाम करना और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करना कांग्रेस के डीएनए में है।"उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव जीत जाए तो चुनाव आयोग ठीक और हार जाए तो चुनाव आयोग खराब? उन्होंने सवाल किया कि कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल में कांग्रेस चुनाव कैसे जीती? उन्होंने मतपत्रों के जरिये चुनाव कराने की कांग्रेस की मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस इस मांग के जरिए देश को 80 और 90 के दशक में ले जाना चाहती है?उन्होंने कहा, "अब वे मतपत्र से चुनाव कराने की बात कर रहे हैं। 1980 और 1990 के दशक याद करें, जब मत पेटियां लूट ली जाती थीं। एक ही आदमी बैलेट पेपर पर मुहर लगा देता था। क्या कांग्रेस देश को उस दौर में वापस ले जाना चाहती है?"उन्होंने कहा कि तकनीक से चुनाव में पारदर्शिता आई, आखिर कांग्रेस इसका विरोध क्यों करना चाहती है? उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश में आपातकाल लगाकर पहले भी लोकतंत्र को कमजोर कर चुकी है और अब संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का खतरनाक खेल खेल रही है।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि संस्थाएं गलत हैं, व्यवस्थाएं गलत है, सबको ध्वस्त कर दो, देश को अराजक बना दो, ये पाप है और कांग्रेस इस पाप को करने पर उतारू है, लेकिन कांग्रेस के नापाक इरादे और मंसूबे कभी कामयाब नहीं होंगे।

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