नयी दिल्ली , मार्च 21 -- नागरिक अधिकार समूह 'जन हस्तक्षेप' ने देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसी यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (यूएनआई) के मुख्यालय को दिल्ली पुलिस के जबरन खाली कराए जाने की कड़ी निंदा की है और इस कदम को 'फासीवादी मंसूबों' का हिस्सा बताते हुए सरकार के मीडिया विरोधी रुख पर गहरा रोष व्यक्त किया है।

'जन हस्तक्षेप' की यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शुक्रवार 20 मार्च की शाम को दिल्ली उच्च न्यायालय के एक आदेश का हवाला देते हुए बड़ी संख्या में सीआरपीएफ और दिल्ली पुलिस के जवानों ने यूएनआई परिसर में प्रवेश किया। आरोप है कि सुरक्षा बलों ने पत्रकारों और गैर-पत्रकार कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। इनमें महिला पत्रकार एवं कर्मचारी भी शामिल थीं। संस्थान के सभी कर्मचारियों को कार्यालय से बाहर धकेल दिया गया और परिसर को पूरी तरह सील कर दिया गया।

इसमें यह भी कहा गया है कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने शहरी विकास मंत्रालय के विभाग को तत्काल कब्जा देने का आदेश दिया था, जिसमें कुछ घंटों की भी मोहलत नहीं दी गई। कर्मचारियों का दावा है कि जब अधिकारी और तीन ट्रकों में भरकर पुलिस बल वहां पहुंचे, तब तक न्यायालय का लिखित आदेश वेबसाइट पर अपलोड भी नहीं हुआ था।

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