कांकेर , मार्च 30 -- छत्तीसगढ़ के कांकेर में लावारिश लाशों का अंतिम संस्कार करना पुलिस के लिए चुनौती भरा काम रहा है। लावारिश लाशों के अंतिम संस्कार के लिए जिले में 'जन सहयोग' नाम की एक सामाजिक संस्था है। इस संस्था की वजह से कांकेर पुलिस को लावारिश लाशों के अंतिम संस्कार के लिए जूझने की जरूरत नहीं पड़ती है। एक मौखिक या लिखित आग्रह पर ही जन सहयोग के कार्यकर्ता लावारिश लाशों का अंतिम संस्कार कर देते हैं।
पुलिस एवं जन सहयोग संस्था से सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार, शहर की प्रतिष्ठित समाजसेवी संस्था 'जन सहयोग' ने सोमवार सुबह मानवता की अनूठी मिसाल पेश करते हुए एक और लावारिस शव का विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया। एक कार्यकर्ता के मुताबिक, यह 161वीं लावारिस लाश थी जिसे संस्था ने पूरी गरिमा के साथ मुखाग्नि दी।
जन सहयोग के कार्यकर्ता से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार को थाना कोतवाली प्रभारी द्वारा संस्था के अध्यक्ष को एक औपचारिक पत्र भेजकर करीब 35 वर्षीय अज्ञात व्यक्ति के शव के कफन-दफन की अपील की गई थी। यह शव माकड़ी खुना गांव के समीप माकड़ी हाईवे से लगभग एक किलोमीटर दूर बागड़ पहाड़ी के नीचे राधेश्याम नामक किसान के खेत के पास मिला था। मृतक की पहचान नहीं हो सकी, जिसके बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी कर शव को फ्रीजर में सुरक्षित रखा गया था। पुलिस के अनुरोध पर जन सहयोग संस्था ने जिम्मेदारी लेते हुए सोमवार सुबह पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार संपन्न करवाया।
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