काठमांडू , मार्च 05 -- नेपाल में गुरुवार को कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच मतदान शुरू हो गया। यह चुनाव पिछले वर्ष हुए युवा-नेतृत्व वाले जन आंदोलन (जनरेशन-जेड) के बाद पहला राष्ट्रीय चुनाव है। जेन-जेड के कारणपूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की सरकार को सत्ता छोड़नी पड़ी थी।

देश के विभिन्न हिस्सों में आज सुबह से ही मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की लम्बी कतारें देखी गयीं। अधिकारियों के अनुसार शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को तैनात किया गया है।

यह चुनाव नेपाल के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक क्षण माना जा रहा है। पिछले वर्ष सितंबर में मुख्य रूप से जेनरेशन-ज़ेड (मुख्य रूप से 1997-2012 के बीच जन्मे लोग) और छात्र समूहों के नेतृत्व में हुए व्यापक विरोध प्रदर्शनों के कारण कई सप्ताह तक आंदोलन चला और अंततः ओली सरकार को सत्ता से बाहर होना पड़ा।

नेपाल इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एनआईसीसीआई) के अध्यक्ष केसी सुनील ने कहा कि पिछले वर्ष के विरोध प्रदर्शनों के केन्द्र में आर्थिक ठहराव और बढ़ती बेरोजगारी से युवाओं की नाराजगी प्रमुख कारण थी।

नेपाल दुनिया के सबसे गरीब देशों में से एक है और दक्षिण एशिया में प्रति व्यक्ति आय के मामले में यह सबसे नीचे है। आधिकारिक अनुमानों के अनुसार यहां बेरोजगारी दर लगभग 13 प्रतिशत के करीब है।

आर्थिक चुनौतियों के साथ-साथ राजनीतिक वर्ग में गहरे भ्रष्टाचार और विदेशों में काम कर रहे प्रवासी श्रमिकों की कमाई पर अत्यधिक निर्भरता ने भी देश की स्थिति को जटिल बना दिया है।

इन चुनावों की निगरानी पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार कर रही है।

नेपालखबर के सलाहकार संपादक कुवेरा चालिसे ने कहा कि यह नेपाल के सबसे बेहतर तरीके से प्रबंधित और स्वतंत्र चुनावों में से एक प्रतीत हो रहा है।

मतदाता संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा के लिए सीधे 165 सदस्यों का चुनाव कर रहे हैं। कुल 275 सीटों में से शेष 110 सीटें आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत पार्टियों को उनके वोट प्रतिशत के आधार पर आवंटित की जाएंगी।

यह चुनाव मुख्य रूप से त्रिकोणीय मुकाबला माना जा रहा है। इसमें पूर्व रैपर बालेन्द्र शाह के नेतृत्व वाली नवगठित राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी), केपी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी सेंटर) और गगन थापा के नेतृत्व वाली नेपाली कांग्रेस प्रमुख दावेदार हैं।

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