पटना , सितंबर 03 -- ाज्य के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रशिक्षण मॉड्यूल को और अधिक सरल एवं प्रभावी बनाया जाएगा, इसमें जनप्रतिनिधियों की योग्यता और आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षण देना, मॉड्यूल में नई गतिविधियों को जोड़ना, भाषाई सरलता और ग्राफिक्स का समावेश करना तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का अधिक से अधिक आयोजन करना शामिल है। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने गुरुवार को राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के तहत पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों एवं कर्मियों को बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्था द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा की।इस दौरान उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता, मॉड्यूल को सरल बनाने, सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण (एलएसडीजी) के प्रभावी क्रियान्वयन और डिजिटल निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करने सहित विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने लाइन डिपार्टमेंट से समन्वय और प्राप्त फीडबैक को भी प्रशिक्षण मॉड्यूल में शामिल करने का निर्देश दिया।

मंत्री ने एलएसडीजी-9 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए चेकलिस्ट तैयार कर उसे मुखिया, स्टैंडिंग कमेटी एवं निगरानी कमेटी तक भेजने का निर्देश दिया। लो कॉस्ट एवं नो कॉस्ट वाली योजनाओं के लिए थीमवार कुछ पंचायतों को चिन्हित कर कार्य करने तथा पंचायतों द्वारा चयनित योजनाओं से होने वाले लाभ की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। साथ ही सभी पंचायतों के लिए 3 माह का एक्शन प्लान तैयार कर उसके समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।

चेकलिस्ट से संबंधित सभी डेटा को डिजिटल करने तथा सभी लाइन डिपार्टमेंट से फीडबैक प्राप्त कर मुख्यालय स्तर पर डैशबोर्ड विकसित करने और उसके माध्यम से नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया।

बैठक में प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत एआई मॉड्यूल का भी प्रदर्शन किया गया। मंत्री ने एआई मॉड्यूल में बिहार आधारित जानकारी को अपडेट करने, कंटेंट को अधिक उपयोगी एवं सरल बनाने तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को डिजिटल फॉर्मेट में विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।

बैठक में निदेशक नवीन कुमार सिंह सहित बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्था के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

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