राजनांदगांव , सितंबर 24 -- छत्तीसगढ़ कांग्रेस नेता एवं राजनांदगांव शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री वीरेंद्र चंद्राकर ने रानी सागर में पेड़ों की कथित कटाई को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा नेताओं को कार्यालय में बैठकर बयान देने के बजाय जनता के बीच जाकर शहर के विकास और समस्याओं की वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए।
श्री चंद्राकर ने गुरुवार को कहा कि रानी सागर में पेड़ काटे गए हैं या केवल उनकी छंटाई की गई है, इसकी वास्तविकता मौके की स्थिति से स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस रानी सागर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के प्रयासों का विरोध नहीं करती, लेकिन विकास के नाम पर पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। यदि पेड़ों की कटाई नहीं हुई है तो प्रशासन को वस्तुस्थिति सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
गौरतलब है कि भाजपा जिलाध्यक्ष राजपूत ने इससे पहले कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया था कि रानी सागर में पेड़ों की कटाई नहीं की गई, बल्कि रोगग्रस्त पेड़ों और आवश्यक शाखाओं की छंटाई की गई है।
कांग्रेस नेता ने 17 सितंबर को आयोजित 'आशीर्वाद का दीया' कार्यक्रम को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि कार्यक्रम पूरी तरह जनभागीदारी पर आधारित था तो इसमें सरकारी मशीनरी और संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम की तैयारियों के लिए कलेक्टर सहित प्रशासनिक अधिकारियों ने रानी सागर और शीतला मंदिर परिसर का निरीक्षण किया था तथा संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे।
श्री चंद्राकर ने कहा कि भाजपा नेताओं को कांग्रेस पर आरोप लगाने के बजाय बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर सरकार की कार्ययोजना जनता के सामने रखनी चाहिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में रिक्त पदों को भरने की समयसीमा स्पष्ट करने की भी मांग की।
उन्होंने शहर की सड़कों पर घूम रहे आवारा गौवंश का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इससे पशुओं के साथ वाहन चालकों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है और सरकार को इसके स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाना चाहिए।
श्री चंद्राकर ने कहा कि राजनांदगांव की जनता को आरोप-प्रत्यारोप के बजाय काम और अपने सवालों के जवाब चाहिए। सरकार और भाजपा नेताओं को बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यावरण और गौवंश से जुड़े मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
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