रांची , जुलाई 28 -- झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष सह मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने महागामा में आयोजित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की समीक्षा बैठक को लेकर भाजपा द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार, भ्रामक और राजनीतिक हताशा से प्रेरित बताया है।

श्री मुंजनी ने कहा कि एक जनप्रतिनिधि का अपने विधानसभा क्षेत्र में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों या मतदाता जागरूकता एवं पुनरीक्षण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेना कोई अपराध नहीं है। मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहीं भी निर्वाचन आयोग की स्वायत्त प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं किया, बल्कि मतदाताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और पुनरीक्षण कार्य की प्रगति की जानकारी लेने का कार्य किया।

श्री पौल मुंजनी ने कहा कि भाजपा को यदि वास्तव में निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता की इतनी चिंता होती, तो वह उन राज्यों में आवाज उठाती जहां चुनाव के दौरान सत्ता का खुला दुरुपयोग हुआ। आज झारखंड में जनता के हित में हो रहे हर कार्य को विवादित बनाकर भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की असफल कोशिश कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा यह स्पष्ट करे कि क्या जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र में चल रहे सरकारी कार्यों की जानकारी लेने का भी अधिकार नहीं है? बिना किसी तथ्य के राजनीतिक आरोप लगाकर जनता को भ्रमित करना भाजपा की पुरानी आदत बन चुकी है।

कांग्रेस पार्टी निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता, निष्पक्षता और संवैधानिक गरिमा का पूर्ण सम्मान करती है। यदि आयोग किसी स्तर पर कोई स्पष्टीकरण चाहता है तो कांग्रेस हर प्रकार से सहयोग करेगी। लेकिन भाजपा को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बदनाम करने और राजनीतिक लाभ के लिए अनावश्यक विवाद खड़ा करने से बाज आना चाहिए।

भाजपा का असली उद्देश्य मतदाता सूची की शुचिता नहीं, बल्कि हर संवैधानिक प्रक्रिया पर संदेह पैदा कर राजनीतिक लाभ उठाना है। झारखंड की जनता इस राजनीति को अच्छी तरह समझ चुकी है और इसका करारा जवाब देगी।

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