मुंबई , अगस्त 06 -- महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि शिवसेना के वास्तविक राजनीतिक स्वामित्व का जनादेश जनता बहुत पहले ही तय कर चुकी है।

हालिया राजनीतिक घमासान और उच्चतम न्यायालय में जारी सुनवाई से बेपरवाह श्री शिंदे ने जोर देकर कहा कि जनता का फैसला ही लोकतांत्रिक मान्यता की अंतिम मुहर है। शिवसेना के ऐतिहासिक विभाजन का जिक्र करते हुए श्री शिंदे ने बताया कि 40 विधायकों के साथ बाहर निकलने का जो कदम उन्होंने उठाया था, वह आगे चलकर सीधे जनसमर्थन के जरिए 60 विधायकों और सांसदों के मजबूत आधार में बदल गया।

उपमुख्यमंत्री श्री शिंदे ने कानूनी ढांचे और न्यायपालिका की पिछली टिप्पणियों का हवाला देते हुए उन्होंने मौजूदा प्रशासन को असंवैधानिक बताने वाले विपक्षी दावे को सिरे से खारिज कर दिया।

विपक्षी आलोचकों पर दोहरे रवैये का आरोप लगाते हुए श्री शिंदे ने कहा कि जब अदालती फैसले उनके अनुकूल होते हैं तो वे न्यायपालिका की प्रशंसा करते हैं, लेकिन जब परिणाम उनके पक्ष में नहीं आते तो वे संवैधानिक निकायों और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं की विश्वसनीयता पर सवाल उठाने लगते हैं।

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