उदयपुर , जुलाई 09 -- भारतीय तिलहन अनुसंधान संस्थान (आईआईओआर), हैदराबाद द्वारा उदयपुर में राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय के संघटक कृषि विज्ञान संकाय को जनजातीय उपयोजना क्षेत्र के किसानों के कृषि विकास एवं आजीविका सशक्तीकरण के लिए 10 लाख रुपये की परियोजना स्वीकृत की गयी है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. शिव सिंह सारंगदेवोत ने गुरुवार को एक विज्ञप्ति में बताया कि डॉ आर. के. माथुर के मार्गदर्शन में स्वीकृत इस परियोजना के तहत उदयपुर ज़िले के कुराबड़ विकासखंड के कियावतों का फला एवं खजूरिया गांवों का चयन किया गया है, जहां 20 हेक्टेयर क्षेत्र में तिल एवं अरंडी की फ्रंटलाइन डेमोंस्ट्रेशन स्थापित की जाएंगी। इसके तहत मार्गदर्शन में दोनों गांवों में तिल एवं अरंडी की वैज्ञानिक खेती विषय पर एक दिवसीय किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उन्होंने कहा कि विद्यापीठ शिक्षा, अनुसंधान और कृषि विस्तार गतिविधियों के माध्यम से सरकार की किसान हितैषी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य जनजातीय किसानों को तकनीकी रूप से सक्षम, आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर उनके जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है।
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