अमृतसर , जुलाई 19 -- श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने अपने ब्रिटेन दौरे के दौरान शनिवार को गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा, साउथॉल में आयोजित गुरमत समागम में संगत को संबोधित करते हुए सिख एकता, युवा पीढ़ी की भागीदारी और मिरी-पीरी के सिद्धांत को अपनाने का आह्वान किया।
रविवार को यहां जारी बयान के अनुसार समागम से पहले जत्थेदार गड़गज्ज ने गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों के साथ विशेष बैठक की। बैठक में खालसा पंथ, पंजाब और सिख युवाओं की प्रगति, एकता और भविष्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। समिति के सदस्यों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे, जिन पर जत्थेदार ने विस्तृत लिखित प्रस्ताव प्रस्तुत करने के लिए कहा। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साउथॉल के अध्यक्ष सरदार गुरमेल सिंह मल्ही और मंच संचालक सरदार मनजीत सिंह ने जत्थेदार गड़गज्ज का स्वागत करते हुए उनकी सेवाओं की सराहना की।
संगत को संबोधित करते हुए जत्थेदार ने कहा कि गुरुद्वारे सिखों को जोड़ने वाले केंद्र हैं, जहां संगत गुरु से आध्यात्मिक जुड़ाव मजबूत करती है। उन्होंने कहा कि युवाओं को गुरुद्वारों की धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में अधिक से अधिक जिम्मेदारी देकर जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में बसे सिखों और पंजाबियों ने वहां के विकास के साथ-साथ पंजाब के उत्थान में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने प्रवासी सिखों से अपने मूल से जुड़े रहने और हर एक-दो वर्ष में पंजाब आकर गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब तथा सचखंड श्री हरिमंदिर साहिब में मत्था टेकने का आग्रह किया।
जत्थेदार गड़गज्ज ने युवाओं से सिख इतिहास का अध्ययन करने और उसके आदर्शों के अनुरूप जीवन जीने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी उनके गुरु के प्रति समर्पण का प्रमाण है। उन्होंने आंतरिक मतभेदों से ऊपर उठकर पंथ की भलाई के लिए एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया तथा मिरी-पीरी के सिद्धांत को समझते हुए पंथ और पंजाब को मजबूत बनाने पर बल दिया। उन्होंने ब्रिटेन में रह रहे सिखों से अपील की कि वे पंजाब के जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए सोच-समझकर आर्थिक सहयोग दें और सुनिश्चित करें कि सहायता वास्तविक जरूरतमंदों तक सीधे पहुंचे।
जत्थेदार गड़गज्ज ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को कमजोर करने के कथित प्रयासों के प्रति भी सिख समुदाय को सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी शहीदों के बलिदानों से बनी एक ऐतिहासिक संस्था है और इसे मजबूत बनाए रखना पूरी कौम की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के सिखों का श्री अकाल तख्त साहिब और एसजीपीसी के साथ संबंध और अधिक मजबूत करने तथा वैश्विक स्तर पर सिख प्रतिनिधित्व बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जब-जब पंजाब या सिख पंथ पर कोई संकट आया है, तब-तब विदेशों में बसे सिखों और पंजाबियों ने सरबत दा भला और चढ़दी कला की भावना से बढ़-चढ़कर योगदान दिया है।
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