समाणा/अमृतसर , मार्च 13 -- श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार, ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज्ज ने शुक्रवार को पटियाला जिले के समाणा का दौरा किया। उन्होंने गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी को रोकने के लिए एक सख्त कानून बनाने की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया।

इस अवसर पर, उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब सिखों के शाश्वत जीवित गुरु हैं, और इसलिए हर सिख उनके प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति रखता है। समाणा में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भाई गुरजीत सिंह द्वारा उठाई गई मांग का समर्थन करते हुए, जत्थेदार ने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी को रोकने के लिए एक विशेष कानून बनाया जाना चाहिए, और जो लोग दोषी पाये जायें, उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब में बेअदबी की घटनाएं लंबे समय से जारी हैं और अभी तक रुकी नहीं हैं।

इसलिए, उन्होंने कहा कि दो उपाय आवश्यक हैं: पहला, गुरुद्वारों में हर समय समुदाय-आधारित निगरानी की व्यवस्था, और दूसरा, बेअदबी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष कानून बनाना। उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों से एक सख्त कानून बनाने के लिए छह महीने का समय मांगा था, लेकिन लगभग आठ महीने बीत चुके हैं और अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गयी है।

ज्ञानी गडगज्ज ने सचखंड श्री दरबार साहिब में 2022 में हुई बेअदबी की कोशिश का भी ज़िक्र किया, जब रेहरास साहिब के पाठ के दौरान एक व्यक्ति बैरियर कूदकर अंदर चला गया था और उसने बेअदबी करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने सरकार से आरोपी की पहचान स्थापित करने के लिए उसके डीएनए टेस्ट की मांग की थी, लेकिन 2026 तक भी कोई भी सरकार यह खुलासा नहीं कर पायी है कि वह व्यक्ति कौन था। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लेती, तो बेअदबी के मामलों को रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि बेअदबी की घटनाओं की लहर शुरू होने के बाद से, इन कृत्यों के पीछे काम कर रही ताकतों का पर्दाफाश किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि गुरु ग्रंथ साहिब दुनिया का एकमात्र ऐसा धर्मग्रंथ है जिसे एक जीवित गुरु का दर्जा दिया गया है। उन्होंने बताया कि 'गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट' 2008 में पारित किया गया था, और 2016 तथा उसके बाद की सरकारों ने बेअदबी के मामलों के संबंध में कदम उठाए थे और इस मामले को केंद्र सरकार के पास भेजा था, लेकिन इसका कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। मौजूदा सरकार ने भी एक विशेष कानून बनाने का वादा किया था, लेकिन अभी तक उस वादे को पूरा नहीं किया है।

भाई गुरजीत सिंह के बिगड़ते स्वास्थ्य के बारे में बात करते हुए जत्थेदार ने कहा कि हर नागरिक का स्वास्थ्य सरकार की ज़िम्मेदारी है। चूंकि पंजाब विधानसभा का सत्र अभी चल रहा है, इसलिए उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह एक प्रस्ताव पारित करे और गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी को रोकने के लिए एक विशेष कानून बनाये। एक सवाल का जवाब देते हुए ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज ने कहा कि सभी धार्मिक ग्रंथों का पूरा सम्मान होना चाहिए, और यदि किसी भी ग्रंथ की बेअदबी को रोकने के लिए कानून बनाए जाते हैं, तो यह एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि गुरु ग्रंथ साहिब के लिए एक विशिष्ट कानून बनाया जाना चाहिए।

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