जगदलपुर , अक्टूबर 11 -- छत्तीसगढ़ में बस्तर जिले के जगदलपुर में नानजी भाई दाना भाई चोपड़ा (79) के निधन के बाद उनके परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए नेत्रदान कर मानवता की मिसाल पेश की है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत किए गए इस नेत्रदान से दो जरूरतमंद दृष्टिबाधित व्यक्तियों को नई दृष्टि मिलने की संभावना है।
जिला प्रशासन से आज प्राप्त जानकारी के अनुसार जगदलपुर के राजीव गांधी वार्ड स्थित दुर्गा मंदिर के समीप चोपड़ा मेंशन निवासी नानजी भाई चोपड़ा की इच्छा थी कि उनके निधन के बाद उनकी आंखें किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में रोशनी ला सकें। उनके निधन के बाद पुत्र हितेश नानजी भाई चोपड़ा तथा पौत्रों सुयश, जय और कनिष्ठ ने उनकी अंतिम इच्छा पूरी करने का निर्णय लिया और तत्काल स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दी।
सूचना मिलते ही बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हुई। अंधत्व नियंत्रण कार्यक्रम की जिला नोडल अधिकारी एवं नेत्र सर्जन डॉ. सरिता निर्मल के नेतृत्व में चिकित्सा दल चोपड़ा मेंशन पहुंचा और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों कॉर्निया सुरक्षित प्राप्त किए।
इस कार्य में सहायक नेत्रदान अधिकारी सुंकर अमृत राव, नेत्र सहायक अधिकारी गायत्री कामडी एवं रैयमन बघेल, मेडिकल कॉलेज के स्नातकोत्तर चिकित्सक डॉ. विनीत, डॉ. प्रियंका, डॉ. सतीश तथा सचिवीय सहायक रोहित देवांगन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस नेत्रदान से दो जरूरतमंद व्यक्तियों के कॉर्निया प्रत्यारोपण का मार्ग प्रशस्त हुआ है। प्रत्यारोपण की उपयुक्तता और चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें दृष्टि मिलने की संभावना है।
चोपड़ा परिवार के इस निर्णय को नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में प्रेरणादायक पहल माना जा रहा है। शोक की घड़ी में परिवार द्वारा लिया गया यह निर्णय समाज को अंग एवं नेत्रदान के महत्व का संदेश देता है।
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