जोशीमठ/चमोली , मई 21 -- उत्तराखंड के चमोली जिले में बढ़ती वनाग्नि की घटनाओं के बीच एक दुखद हादसा सामने आया है। बिरही क्षेत्र के जंगलों में लगी आग बुझाने के दौरान झुलसे एक अग्निरक्षक की गुरुवार को उपचार के दौरान मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार, बिरही क्षेत्र के जंगलों में आग लगने के बाद स्थानीय ग्रामीणों और वन विभाग की टीम द्वारा आग बुझाने का अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान जोशीमठ विकासखंड के पाखी गांव निवासी युवक आग की चपेट में आ गया और गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
युवक की मौत की खबर गांव पहुंचते ही शोक का माहौल बन गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि मृतक जंगल की आग बुझाने में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा था और इसी दौरान उसने अपनी जान गंवा दी।
घटना के बाद ग्रामीणों और परिजनों ने सरकार से मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी सेवा में समायोजित करने की मांग की है। उनका कहना है कि वनाग्नि नियंत्रण में लगे कर्मियों और सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और विभाग की जिम्मेदारी है।
ग्रामीणों ने जिले में लगातार बढ़ रही जंगल की आग की घटनाओं पर भी चिंता जताई और कहा कि वन संपदा के साथ-साथ अब मानव जीवन भी खतरे में पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से वनाग्नि रोकने के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
वन विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित