खरगोन , मई 31 -- मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की करही पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बताया कि ससुराल पक्ष द्वारा बंधक बनाकर प्रताड़ित किए जाने का दावा करने वाले युवक ने छेड़छाड़ की शिकायत के डर से पूरी कहानी स्वयं गढ़ी थी। पुलिस जांच में आरोप निराधार पाए गए।

करही थाना प्रभारी राजेंद्र इंगले ने बताया कि धार जिले के बाग थाना क्षेत्र के एक सौर ऊर्जा संयंत्र में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत गोवर्धन जोगी ने 10 मई को अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान पुलिस को बयान दिया था कि ससुराल पक्ष ने उसे बंधक बनाकर नग्न अवस्था में पीटा और उसके शरीर पर 100 से अधिक घाव कर दिए।

पुलिस जांच में सामने आया कि गोवर्धन आठ मई को अपनी गर्भवती पत्नी और तीन वर्षीय बेटी को लेने ससुराल पहुंचा था, लेकिन वह नशे की हालत में था। ससुराल पक्ष ने उसकी स्थिति को देखते हुए पत्नी और बच्ची को उसके साथ भेजने से इनकार कर दिया।

जांच के अनुसार इसके बाद गोवर्धन पुनः शराब पीकर ससुराल पहुंचा और वहां पत्नी, सास तथा साली के साथ मारपीट की। इस दौरान साली ने उसके खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराने की चेतावनी दी। इसी के बाद उसने कथित प्रताड़ना की कहानी रचने की योजना बनाई।

पुलिस ने बताया कि पूछताछ में गोवर्धन ने स्वीकार किया कि ससुराल से निकलने के बाद उसने रास्ते में बीयर की बोतल तोड़कर स्वयं को घायल किया। उसने शरीर के विभिन्न हिस्सों पर 100 से अधिक घाव किए और बाद में अपने भाई को बताया कि ससुराल पक्ष ने उसके साथ मारपीट की है।

इसके बाद उसका भाई उसे कसरावद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और फिर जिला अस्पताल लेकर गया। जांच में यह भी सामने आया कि घटना से कुछ दिन पहले गोवर्धन शराब के नशे में गिरकर भी घायल हुआ था।

पुलिस के अनुसार गोवर्धन की पत्नी और साली की शिकायत पर उसके खिलाफ मारपीट का मामला पहले ही दर्ज किया जा चुका है। वहीं पुलिस झूठी सूचना देकर गुमराह करने के मामले में भी उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई पर विचार कर रही है।

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